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शिक्षा सुधार:कॉन्वेंट की तर्ज पर 123 संस्कृति मॉडल स्कूल खुलेंगे, विधायक तय करेंगे स्थान, सीएम ने भाजपा-जेजेपी व निर्दलीय विधायकों संग की बैठक

राजधानी हरियाणा2 महीने पहले
भिवानी का संस्कृति मॉडल स्कूल। फाइल फोटो
  • गवर्नमेंट टीचर्स का ही लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के बाद होगा चयन
  • प्रदेश में 1400 स्कूलों को किया जाएगा बस्ता रहित
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प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गठबंधन सरकार ने सभी हलकों में संस्कृति मॉडल स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। यानी सभी विधायकों को संस्कृति मॉडल स्कूल का तोहफा दिया गया है। इन स्कूलों में कॉन्वेंट स्कूलों की तरह सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। स्कूल का स्टाफ भी हाईटेक होगा। ये स्कूल ठीक उसी तर्ज पर होंगे, जैसे राज्य के कई जिलों में स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे हैं।

प्रदेशभर में कुल 123 संस्कृति मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। इनमें से 38 स्कूलों पर काम चल रहा है। अब तय किया गया है कि नए स्कूलों में विधायकों की पसंद-नापंसद को तवज्जो मिलेगी।

बुधवार को चंडीगढ़ में भाजपा-जेजेपी गठबंधन की संयुक्त बैठक में दोनों पार्टियों के विधायकों के साथ कई निर्दलीय विधायकों ने भी नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बातचीत की। बैठक में सीएम मनोहर लाल के अलावा डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला भी मौजूद रहे।

संस्कृति मॉडल स्कूल हलके के किस कस्बे या गांव में स्थापित होगा, इसका निर्णय विधायक करेंगे। जिला प्रशासन के अफसर इस बारे में विधायकों से बात भी करेंगे। अंग्रेजी मीडियम वाले इन स्कूलों में सरकारी शिक्षकों में से ही चयन करके स्टॉफ नियुक्त होगा। इन स्कूलों में नियुक्ति के लिए टीचर्स का लिखित परीक्षा और इंटरव्यू होगा।

कुछ विधायकों ने फीस कम करने की भी उठाई मांग
सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि सरकार नई शिक्षा नीति के साथ-साथ हरियाणा में कुछ नए प्रयोग भी करेगी। प्ले स्कूलों के अलावा बस्ता रहित अंग्रेजी माध्यम के स्कूल स्थापित होंगे। इन स्कूलों के बारे में भी विधायकों से विचार-विमर्श कर कार्य योजना बनाई गई। कुछ विधायकों ने संस्कृति मॉडल स्कूलों में फीस कम करने की मांग उठाई। स्कूल प्रबंधन कमेटी इस बारे में फैसला कर सकती है।

ऑनलाइन शिक्षा पर भी किया मंथन
बैठक में कई विधायकों ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है, लेकिन कुछ बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं। नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर ने कहा कि स्कूलों में विषयों के विशेषज्ञ नहीं हैं, सीट खाली पड़ी हैं। जहां अधिक टीचर हैं, वहां से दूसरे स्कूलों में भेजा जाए। यही नहीं एजूसेट आदि की रक्षा के लिए स्कूलों में कर्मचारी नहीं हैं। ऐसे कर्मचारी नियुक्त किए जाएं और सरकार ही उनके वेतन का इंतजाम करे। घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, पूंडरी के विधायक रणधीर गोलन ने भी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विचार व्यक्त किए।

प्रदेश में 1400 स्कूलों को किया जाएगा बस्ता रहित
राज्य के 1400 स्कूलों को पूरी तरह से बैग-रहित किया जाएगा। स्कूली बच्चों को भारी बस्ते नहीं लाने होंगे। अब तक सरकार 418 स्कूलों को बैग-लेस कर चुकी है। इन सभी स्कूलों के लिए अलग शिक्षा निदेशालय काम करेगा और शिक्षकों का अलग कॉडर तैयार होगा। यह स्कूल अंग्रेजी माध्यम के होंगे।

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने भी प्रदेश में शिक्षा नीति को बढ़ावा देने के लिए कई सुझाव दिए। गठबंधन सरकार ने अपने पहले ही बजट में इस साल राज्य में 1000 प्ले-वे स्कूल खोलने का फैसला लिया था। दोनों पार्टियों की विधायक दल की बैठक में इस पर चर्चा हुई। इसके लिए विकास एवं पंचायत विभाग उन आंगनबाड़ियों को चिह्नित कर रहा है, जिन्हें प्ले-वे स्कूल में बदला जा सकेगा।

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