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नारायण राणे VS उद्धव ठाकरे:राणे ने कहा- महाराष्ट्र को इस बार मिला बुद्धू मुख्यमंत्री, उद्धव ने बेईमानी से सीएम पद हासिल किया

मुंबईएक महीने पहले
नारायण राणे कभी शिवसेना का हिस्सा रहे हैं। बाला साहब के जीवित रहने के दौरान उन्होंने शिवसेना का दामन छोड़ दिया था-फाइल फोटो।
  • भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में राणे ने कहा कि यदि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे होते, तो उद्धव को मुख्यमंत्री नहीं बनाते
  • मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राणे को मेंढक कहा था, उन्होंने कहा था कि एक मेंढक और उसके दो पुत्र इस दल से उस दल भटक रहे हैं
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मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा शिवसेना की दशहरा रैली में भाजपा पर हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा सांसद नारायण राणे पलटवार किया है। सोमवार को राणे ने मुंबई में कहा कि उद्धव ने बेईमानी करके मुख्यमंत्री पद हासिल किया है। उद्धव मुख्यमंत्री पद के लायक नहीं है। भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में राणे ने कहा कि यदि शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे होते, तो उद्धव को मुख्यमंत्री नहीं बनाते। वे कहते कि उद्धव किसी काम के नहीं हैं।

महाराष्ट्र को मिला बुद्धू मुख्यमंत्री
राणे ने कहा कि महाराष्ट्र जैसे विकसित प्रदेश को बुद्धु (मूर्ख) मुख्यमंत्री मिला है। अधिकारी इन पर हंसते हैं। राणे ने कहा कि उद्धव को हिंदुत्व पर बोलने का नैतिक अधिकार नहीं है। साल 2019 के विधानसभा चुनाव में उद्धव ने भाजपा के साथ गठबंधन किया। फिर हिंदुत्व छोड़कर सेक्युलर दलों के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री पद हासिल किया। विधानसभा चुनाव में शिवसेना के 56 विधायक मोदी के नाम पर जीतकर आए हैं। उद्धव के नाम पर 25 विधायक भी नहीं जीत पाते।

सीएम ने अपने बेटे को दी क्लीन चिट
राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अभिनेता सुशांत सिंह मौत मामले में खुद ही अपने बेटे तथा राज्य के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे को क्लीन चिट दे दी। जबकि इस मामले में सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट अभी नहीं आई है।

मैं शिवसेना का 39 सालों का राज बाहर निकाल दूंगा
राणे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने मेंढक किसको कहा? उद्धव ने यदि दोबारा राणे परिवार और भाजपा के खिलाफ टिप्पणी की तो मैंने 39 सालों में शिवसेना में जो अनुभव किया है वह सब बाहर निकालूंगा। राणे ने कहा कि हम मातोश्री के अंदर और बाहर की जानकारी देंगे तो मंहगा पड़ेगा। पूर्व मुख्यमंत्री राणे ने कहा कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को राष्ट्रपति बनाने के बारे में प्रधानमंत्री फैसला करेंगे। उद्धव इस बारे में बोलने वाले कौन है।

सीएम मराठा समाज से द्वेष रखते हैं
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री मराठा समाज को कभी भी आरक्षण नहीं दे सकते हैं। मुख्यमंत्री मराठा समाज से द्वेष करने वाले व्यक्ति हैं। राणे ने कहा कि उद्धव को बालासाहब का नाम लेने का अधिकार नहीं है। उद्धव ने बालासाहब के साथ छल किया है। साल 2005 में नया शिवसेना भवन बनाने के बाद बालासाहब चाहते थे कि दशहरा रैली पार्टी कार्यालय के सामने आयोजित हो। लेकिन उद्धव ने बालासाहब का फैसला बदलकर शिवाजी पार्क में रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया। इस कारण बालासाहब के आंखों में आंसू आए थे।

शिवसेना का पलटवार: ऐसा लग रहा गांजा पीकर बोल रहे राणे
वहीं राणे के आरोपों पर शिवसेना ने जवाब दिया है। शिवसेना के पूर्व राज्य मंत्री अर्जुन खोतकर ने कहा कि जैसे कोई व्यक्ति गांजा पीकर बोलता है वैसे राणे बोल रहे थे। जिस शिवसेना ने राणे को मुख्यमंत्री बनाया था, उसके नेतृत्व के बारे में निम्न शब्दों में टिप्पणी की है। खोतकर ने कहा कि दिल्ली के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अफसर मुंबई में हैं। एनसीबी को राणे की जांच करनी चाहिए कि उन्होंने क्या खाकर ऐसे शब्दों का प्रयोग किया है।

दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने कहा था मेंढक
इससे पहले रविवार को दशहरा रैली में मुख्यमंत्री ने नाम लिए बिना राणे परिवार पर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री ने राणे को मेंढक कहा था। उन्होंने कहा था कि एक मेंढक और उसके दो पुत्र इस दल से उस दल भटक रहे हैं।

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