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विवादास्पद जज को सेवा विस्तार:बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस गनेडीवाला को सिर्फ 1 साल का एक्सटेंशन, बिना स्किन-टू-स्किन संपर्क को नहीं माना था उत्पीड़न

मुंबई10 महीने पहले
जस्टिस गनेडीवाला के हाल में POCSO के दो मामलों को लेकर दिए गए फैसलों की वजह से काफी आलोचना हुई थी। (फाइल फोटो)
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बच्चों के यौन उत्पीड़न मामलों में दो विवादास्पद फैसले सुनाने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की जज पुष्पा गनेडीवाला को 2 साल की जगह सिर्फ एक साल का एक्सटेंशन दिया गया है। जस्टिस गनेडीवाला का नया कार्यकाल आज यानी13 फरवरी से प्रभावी हो गया है। एडिशनल जस्टिस के रूप में उनका कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त होना था।

पिछले महीने रुका था प्रमोशन
अगर जस्टिस गनेडीवाला को सेवा विस्तार नहीं दिया जाता तो उन्हें फरवरी में जिला न्यायपालिका में वापस जाना पड़ता। बॉम्बे हाईकोर्ट आने से पहले 2019 तक वे यहीं थीं। जस्टिस गनेडीवाल की हाल ही में POCSO एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसस) के दो मामलों को लेकर दिए फैसलों की वजह से काफी आलोचना हुई थी। पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने एडिशनल जज जस्टिस गनेडीवाला की बॉम्बे हाईकोर्ट में स्थाई न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के प्रस्ताव की मंजूरी को वापस ले लिया था।

कार्यकाल खत्म होने से कुछ घंटे पहले राज्य सरकार का फैसला
कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपना फैसला टालते हुए राज्य सरकार से उन्हें 2 साल का एक्सटेंशन देने की सिफारिश की थी। जस्टिस गनेडीवाला के कार्यकाल के खत्म होने से कुछ घंटे पहले राज्य सरकार ने उन्हें सिर्फ एक साल का एक्सटेंशन दिया। सामान्य रूप से स्थायी न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नति से पहले अतिरिक्त जजों को दो साल के लिए नियुक्त किया जाता है।

फैसलों को लेकर हुई थी आलोचना
12 साल की लड़की के साथ यौन अपराध केस में आरोपी को बरी करते हुए जस्टिस गनेडीवाला ने कहा था कि स्किन-टू-स्किन संपर्क में आए बिना किसी को छूना POCSO एक्ट के तहत यौन हमला नहीं माना जाएगा। यही नहीं, 5 साल की बच्ची का हाथ पकड़ने और पेंट खोलने को भी जस्टिस गनेडीवाला ने यौन उत्पीड़न नहीं माना था।

एक अन्य फैसले में उन्होंने पत्नी से पैसे की मांग करने को उत्पीड़न करार नहीं दिया था। साथ ही आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को रिहा कर दिया। इसके बाद पिछले हफ्ते उनका प्रमोशन रोक दिया गया था। जस्टिस गनेडीवाला के फैसलों पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि उनके आदेश खतरनाक मिसाल कायम करेंगे।

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