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जब मुशायरा करके लौटे थे राहत:भोपाल में राहत इंदौरी को पुलिस ने रोका और 1 लाख रुपए का हिसाब पूछा तो बिफर गए थे; पुलिस से नोंकझोंक हुई, एडीजी से तस्दीक करा दी

भोपालएक महीने पहले
भोपाल पुलिस शायर राहत इंदौरी को पुलिस स्टेशन लेकर गई थी। राहत इसी बात से नाराज हो गए थे। उन्होंने काफी हंगामा किया था। -फाइल फोटो
  • राहत ने 1975 में बीयू भोपाल से एमए और यहीं से भोज यूनिर्विटी से उर्दू साहित्य में पीएचडी की थी
  • 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी, इसी दौरान उनके पास पैसे मिले थे
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मशहूर शायर राहत इंदौरी का निधन हो गया। उन्होंने 1975 में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल से एमए और यहीं से 1985 में भोज विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में पीएचडी की थी। 2018 में विधानसभा चुनाव के दौरान शहर में पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान शायर राहत इंदौरी के पास एक लाख रुपए मिले थे। उनकी पुलिस से जमकर नोंक-झोंक हुई थी। राहत को पुलिस थाने लेकर गई तो वे नाराज हो गए। पुलिसकर्मियों के कहने पर वे थाने चले गए और सीधे पुलिस के आला अधिकारियों को फोन लगा दिया। रुपयों के बारे में तस्दीक होने के बाद पुलिस ने उन्हें रुपए वापस करके जाने दिया था।

दरअसल, दिसंबर 2018 में प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लगी थी। राहत इंदौरी किसी दूसरे शहर से मुशायरा करके लौट रहे थे। हनुमानगंज थाने के तत्कालीन प्रभारी सीएस रघुवंशी हमीदिया रोड पर शाम को वाहनों की तलाशी ले रहे थे। इसी दौरान एक सेंट्रो कार में सवार शायर राहत इंदौरी के पास एक लाख रुपए नकद मिले। रुपयों के बारे में पूछताछ करने पर वे नाराज होने लगे। उनका आरोप था कि इस तरह की चेकिंग से आम आदमी परेशान हो रहे हैं।

राहत ने प्रोग्राम की तस्दीक के लिए एडीजी से बात कराई
राहत ने बताया था कि वे एक कार्यक्रम में प्रस्तुति देकर आ रहे हैं। यह रुपए संस्था ने ही उन्हें दिए हैं। इस बात की तस्दीक के लिए उन्होंने फोन पर एडीजी पवन जैन से बात भी करवाई। इसके बाद उन्हें बरामद रुपए देकर जाने दिया गया।

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