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भास्कर एक्सक्लूसिव:हां मैंने उम्र और आमदनी छिपाकर गलत तरीके से बुढ़ापा पेंशन ली ऐसी गलती स्वीकार कर 250 लोगों ने 90 लाख रुपए जमा करवाए

जालंधरएक महीने पहले
  • सरकार के निर्देश पर जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराएगा जिला प्रशासन
  • बुढ़ापा पेंशन घोटाले में 1166 आवेदन निरस्त, इनसे होगी 3.53 करोड़ रुपए की वसूली
  • साल 2014-15 में ਮਿਮਿमिलीभगत से लगाई गई थी हजारों लोगों की बुढ़ापा पेंशन, 2017 में उजागर हुआ था 162 करोड़ रुपए का घोटाला
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(अनुभव अवस्थी)
जिला प्रशासन ने बुढ़ापा पेंशन का गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से गलत तरीके से पेंशन लेने वाले 1166 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें से करीब 250 लोगों ने जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी कार्यालय में आकर खुद ही 90 लाख रुपए जमा करा दिए हैं। इन लोगों ने माना कि गलत एड्रेस लिखकर और उम्र कम बताकर या फिर आमदन कम दिखाकर पेंशन का लाभ लिया है। इसलिए लोगों ने रिकवरी नोटिस के साथ ड्राफ्ट बनवाकर विभाग को सौंप दिया है। फिलहाल इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग को कार्रवाई के लिए सरकार के आदेश का इंतजार है। इसके बाद ही लाेगों पर जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

चर्चित बुढ़ापा पेंशन घोटाले में जांच के बाद 1166 आवेदन निरस्त हुए हैं, जिनसे 3.53 करोड़ की रिकवरी होनी है। जालसाजों पर रेवेन्यू एक्ट और 420 की
धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराने की बात कही जा रही है। जिले में वसूली के लिए डीएसएसओ कार्यालय रिकवरी के लिए निरस्त हुए फार्मो को अपलोड करने का काम पूरा कर चुका है। जिले में करीब 60 फीसदी बुढ़ापा पेंशन का लाभ लेने वाले ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपनी इनकम छुपाकर गलत तरीके से पेंशन ली है। बुढ़ापा पेंशन लाभार्थियों का डेटा सॉफ्टवेयर में भी फीड किया जा चुका है।
दरअसल 2014-15 में उस समय की सरकार के जनप्रतिनिधियों ने विभागीय अफसरों की मिलीभगत से हजारों की संख्या में अयोग्य लोगों काे बुढ़ापा पेंशन लगवाई। इसकी जांच साल 2017 में कैप्टन सरकार के द्वारा कराई गई तो 162 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर हुआ। तब से जालसाजी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही थी। आखिर जुलाई में सरकार ने रिकवरी करने के नोटिस जारी करने के आदेश दे दिए।

पेंशन के लिए 11.30 करोड़ चाहिए
जिले में दिव्यांग, आश्रित, विधवा व बुढ़ापा पेंशन लाभार्थियों की कुल संख्या 1,50,708 है। सभी की 750 रुपए मासिक पेंशन लगी है। इस लिहाज से जिले को हर माह पेंशन लाभार्थियों के लिए 11.30 करोड़ की राशि की जरूरत होती है।

बुजुर्ग पेंशनरों संख्या सबसे अधिक
जिला सामाजिक सुरक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में सबसे ज्यादा गिनती बुजुर्ग पेंशनरों की है। इनकी संख्या 95 हजार से ज्यादा है। उसके बाद पेंशन पाने वालों में विधवा, दिव्यांग व आश्रित शामिल हैं। पेंशन न मिलने की वजह से इन्हें परेशानी से जूझना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिले से लेकर राज्य स्तर पर सीनियर अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है।

डीसी की कमेटी करेगी फैसला
पेंशन घोटाले में रिकवरी का नोटिस जारी होने के बाद सरकार को लगातार कुछ लाभार्थियों को गलत तरीके से नोटिस भेजने की शिकायतें मिल रही थीं। इसको देखते हुए सरकार ने मेल जारी करके जिला प्रशासन को आपत्तियां लेने के आदेश दिए हैं। इसके लिए डिप्टी कमिश्नर के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम बनेगी, जो अर्जी लगाने वाले लोगों की दलील सुनकर फैसला लेगी कि वास्तव में ये लोग डिफाल्टर हैं या नहीं। निर्णय लेने के लिए डीसी की कमेटी को अधिकृत किया गया है। अब इस प्रक्रिया को पूरा होने में करीब एक महीने का समय लग जाएगा। इस बाबत डीएसएसओ वरिंदर बैंस ने बताया कि आपत्तियां दाखिल करने के लिए डीसी की अध्यक्षता में एक टीम बननी है। इसके लिए फाइल प्रशासन को दे दी गई है।

बोलते आंकड़े

  • पेंशन लाभार्थी पेंशन रकम
  • बुढ़ापा 95,291 7.15 करोड़
  • आश्रित 10,817 81.13 लाख
  • विधवा 34,845 2.61 करोड़
  • दिव्यांग 9,125 68.44 लाख
  • क्षेत्र निरस्त
  • आदमपुर 111
  • भोगपुर 138
  • जालंधर ईस्ट 47
  • जालंधर वेस्ट 74
  • लोहियां 284
  • क्षेत्र निरस्त
  • नकोदर 45
  • नूरमहल 137
  • फिल्लौर 133
  • रुड़का कलां 95
  • शाहकोट 102
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