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एमडीएसयू:नई शिक्षा नीति के मुताबिक इसी सत्र में शुरू होंगे कई नए पाठ्यक्रम, कुलपति ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी

अजमेर5 महीने पहले
एमडीएसयू (फाइल फोटो)
  • विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक होगा मल्टीपल एक्जिट एंड एंट्री सिस्टम
  • इसी सत्र से एमएससी ज्याेग्राफी, फिजिक्स औैर मैथ्स काेर्स भी शुरू होंगे
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एमडीएसयू में इसी सत्र से कला संकाय में स्नातक पूर्णकालीन प्राेफेशनल पाठ्यक्रम शुरू होंगे। चित्रकला, मूर्तिकला, व्यवसायिक कला, छाया कला यानी फोटोग्राफी, स्नातकोत्तर संगीत पाठ्यक्रम स्ववित्तपोषी याेजना में प्रारंभ हाेंगे।
कुलपति प्राे. आरपी सिंह ने नई शिक्षा नीति लागू हाेने के बाद यूनिवर्सिटी में किए गए बदलावाें काे लेकर गुरुवार काे प्रेस वार्ता में कहा कि राजस्थान की संस्कृति विश्वविख्यात है। हमारी प्राचीन कलाओं ने दुनियाभर में कई विद्वानाें औैर शाेधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है लेकिन हम अपनी कलाओं के अध्ययन, प्रशिक्षण औैर शाेध पर उतना ध्यान नहीं दे पाए जितना देना चाहिए। अनेक कलाएं विलुप्त हाेने के कगार पर हैं। यूनिवर्सिटी भी ललित कलाओं का शिक्षण शुरू करने जा रहा है। इसी सत्र से एमएससी ज्याेग्राफी, फिजिक्स औैर मैथ्स काेर्स भी प्रारंभ किए जाएंगे।

शिक्षक व स्टाफ नियुक्त करने के लिए करेंगे आग्रह
राज्य सरकार और यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) से ललित कला के लिए भवन और याेग्यता प्राप्त शिक्षकाें, कार्यशाला सहायक सहित अन्य स्टाफ की नियुक्ति के लिए आग्रह किया जाएगा।

पत्रकारिता : एक्जीक्यूटिव कोर्स भी शुरू होगा
प्राे. आरपी सिंह ने कहा कि यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्म, मास कम्यूनिकेशन औैर मल्टीमीडिया टेक्निक विभाग में एक्जीक्यूटिव पाठ्यक्रम शुरू होगा। पर्यावरण विभाग में बीएससी ऑनर्स एनवायरमेंटल साइंस भी शुरू किया जाएगा। एचओडी प्राे. प्रवीण माथुर ने बताया कि इस काेर्स में कुल 20 सीटें हाेंगी, जिसमें बारहवीं पास विद्यार्थी मेरिट के आधार पर प्रवेश पा सकेंगे। विद्यार्थी इस काेर्स के बाद पर्यावरण कंसलटेंट, पर्यावरण प्रबंधक, व्याख्याता, वाइल्डलाइफ फिल्म मेकर, एनवायरमेंटल फाेटाेग्राफर औैर जर्नलिज्म जैसे क्षेत्राें में कॅरिअर बना सकते हैं।

मृदा, जल और वायु परीक्षण की लैब बनेंगी
यूनिवर्सिटी में जल्द ही मृदा परीक्षण के साथ जल परीक्षण और वायु परीक्षण प्रयाेगशाला स्थापित होंगी। माइक्राेबायोलॉजी विभाग के एचअाेडी प्राे. आशीष भटनागर ने बताया कि एमएससी माइक्राेबायाेलाॅजी औैर बायाेटेक्नाेलाॅजी दाेनाें काेर्स में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम लागू हैं। इसी पाठ्यक्रम में माॅड्यूलर लर्निंग स्कीम यानी मल्टीपल एक्जिट एंड एंट्री लागू की गई है। इसमें यदि काेई विद्यार्थी प्रथम सेमेस्टर पास करता है ताे उसे प्रमाण पत्र, द्वितीय सेमेस्टर पर डिप्लाेमा, तृतीय पर उच्च डिप्लाेमा मिलेगा।

9 सितंबर तक प्रवेश
यूनिवर्सिटी के कुलानुशासक प्राे. अरविंद पारी ने कहा कि यूनिवर्सिटी के पाठ्यक्रम में ऑनलाइन प्रवेश प्रारंभ हैं। 300 रुपए शुल्क के साथ ऑनलाइन फार्म 9 सितंबर तक भरा जा सकता है। प्रवेश संबंधी जानकारी वेबसाइट www.mdsu ajmer.ac.in औैर www.mdsuexam.org पर संपर्क कर प्राप्त कर सकते हैं।

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