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मालिकाना हक:आर्य ने किसानों को भूमि का मालिकाना हक दिलाया: भाखर

बाड़मेरएक महीने पहले
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कुम्भाराम आर्य किसान फाउंडेशन के तत्वावधान में रामसर उपखंड क्षेत्र के गांव जायडू में सोमवार को किसानों ने वर्ग चेतना सेमिनार आयोजित कर चौधरी कुम्भाराम आर्य की 25वीं पुण्यतिथि मनाई। आर्य की तस्वीर पर मिट्टी के दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान फाउंडेशन के प्रदेश प्रतिनिधि भैराराम आर भाखर ने आर्य के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसानों के पुरोधा कुम्भाराम आर्य ने राजस्थान में जागीरदारी प्रथा संशोधन अधिनियम एवं राजस्थान टिनेंसी एक्ट पास करवाया और जागीरदारी प्रथा बंद करवाकर किसानों को भूमि का मालिकाना हक दिलाया।

आर्य ने भेंट, लाग-बाग, बेगार जैसी बुराइयों पर अंकुश लगाकर किसानों को शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए संघर्ष किया। आमजन को शिक्षा से जोड़ने और अंधविश्वास से छुटकारा दिलाने के लिए जागृति लाने का कार्य किया गया। समाजसेवी गोरखाराम हुडा ने आर्य की जंयती और पुण्यतिथि को राजस्व दिवस के रूप में मनाने के लिए राजस्थान सरकार से मांग की। पुरखाराम चौधरी ने किसानों को कृषि कार्य में नवाचार लाने के

लिए आधुनिक तकनीकी अपनाने की सीख दी। रायमलराम चौधरी ने उनके संघर्ष और जेल में रहने के दौरान दी गई यातनाओं का वर्णन प्रस्तुत किया। आर्य द्वारा लिखित पुस्तक वर्ग चेतना को हर घर में रखने, पढ़ने और चेतना जगाने को प्रेरित किया गया। वर्ग चेतना सेमिनार में गजाराम गोदारा, धूड़ाराम सारण, मगनाराम सारण, हुकमाराम माराज, प्रेमाराम ने विचार व्यक्त किए। इसमें अशोक कुमार गुडी, मोहनराम, खेताराम, धनाराम सारण, हेतुदान चारण ,जेठाराम, प्रभुराम गौड़ सहित किसान उपस्थित रहे।

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