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हेराफेरी:जयपुर-सीकर व दौसा हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने के मुआवजे में 4 कराेड़ का घोटाला

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: शिव प्रकाश शर्मा
  • एडीएम-3 के फर्जी हस्ताक्षर कर हेरफेर किया गया
  • चेक किसी के नाम का और पैसा किसी और के खाते में ट्रांसफर हुआ
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जयपुर-सीकर और जयपुर-दौसा हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने की मुआवजा राशि के भुगतान में चार करोड़ रुपए से अधिक का घोटाला सामने आया है। आनन-फानन में एडीएम-3 ने बनी पार्क थाने में मामला दर्ज कराया है और जांच के लिए आठ सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। यह घोटाला भी जयपुर कलेक्ट्रेट में हुआ जहां कलेक्टर सहित सात एडीएम व एसडीएम बैठते हैं और ठेका कर्मचारियों ने एनएचएआई के चार कराेड़ रुपए के चेकों पर एडीएम तृतीय के हस्ताक्षर कर भुगतान उठा लिया।

एडीएम 3 राजेंद्र कविया ने बनीपार्क थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। बनीपार्क एसएचओ नरेश कुमार व एसआई नरेंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। दूसरी ओर, कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने एडीएम 1 इकबाल खान के नेतृत्व में 8 सदस्यों की प्रशासनिक जांच टीम भी गठित कर दी है। बैंक खातों में भुगतान की जांच मुख्य ट्रेजरार देवाराम काे सौंपी है। कलेक्ट्रेट के कमरा नंबर 115 काे सील कर दिया गया है।

कलेक्ट्रेट की 8 सदस्यीय टीम भी जांच में जुटी

जानकारी के मुताबिक, जयपुर स्थित काेटक महेंद्रा बैंक में एडीएम जयपुर-3 व एनएचएआई जयपुर-दाैसा व सीकर के नाम से दाे खाते हैं। हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने के लिए भूमि अावाप्ति के मुआवजे के भुगतान की जिम्मेदारी कपिल शर्मा वरिष्ठ सहायक पर है। कपिल के साथ दाे संविदाकर्मचारी जयनारायण बुनकर व दुष्यंत कुमार शर्मा भी लगे हैं। कपिल ही एडीएम काे पत्रावली और चेक हस्ताक्षर के लिए देते थे। पत्रावली पर स्वीकृति के बाद उस राशि के चेक जारी किए जाते। फिलहाल इस मामले में 4 करोड़ का घोटाला सामने आ रहा है।
चैकों की राशि और नाम बदलकर भुगतान उठाया
एडीएम से पत्रावली और चेक पर हस्ताक्षर करवाने के बाद चेक का नाम व राशि काे बदला गया है। प्रारंभिक जांच में जिला प्रशासन द्वारा जारी चेकों व आरटीजीएस में हेरफेर कर भुगतान लिया गया है। मामले में काेटक महेंद्रा बैंक के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।

पत्रावली में जिसका नाम शंकर के नाम से 67265 का चेक जारी हुआ है जबकि बैंक के विवरण में यहीं चेक राधेश्याम के नाम पर 19 लाख 82 हजार 893 रुपए का जामा हाे गया। भूराराम का 27357 राशि का चेक सेढूराम के नाम पर 16 लाख 82 हजार 609 रुपए का जमा हाे गया। दामोदर नाम से 43967 रुपए का चेक मुकेश के नाम 386966 राशि का जमा हाे गया। एक महिला फूली के नाम 20 लाख 89 हजार 480 की राशि जमा हुई है।

300 से अधिक खाताधारकों काे मुआवजा भुगतान राशि दी गई है। यह भी बताया जा रहा है कि जयपुर सीकर हाईवे की चौड़ाई बढ़ाने में आवाप्त हुई भूमि के समय 2011 से मुआवजा राशि में हेरफेर किया जा रहा है।

1. कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा का कहना है कि मामले की एडीएम प्रथम इकबाल खान के नेतृत्व में बनाई कमेटी जांच कर रही है, इसी सप्ताह जांच रिपोर्ट आने की संभावना है इसके बाद ही पूरे मामले का खुलासा हाे पाएगा। दाेषियाें के खिलाफ कडी कारवाई की जाएगी। 2. इस बारे में बनीपार्क के थानाधिकारी नरेश कुमार का कहना है कि मुआवजा राशि भारत सरकार की ओर से एनएचएआई काे भुगतान के लिए दी गई थी। मामले की जांच की जा रही है कि किस तकनीक से और किस स्तर पर हेरफेर किया गया है।

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