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सुरक्षित मातृत्व:जच्चा-बच्चा को अब नहीं गंवानी पड़ेगी जान, जयपुर समेत प्रदेश के 250 सेंटराें पर मिलेगा निशुल्क इलाज

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी
  • जच्चा-बच्चा की मौतों में कमी लाने के लिए चयनित अस्पतालों में ‘सुमन’ कार्यक्रम अप्रैल से
  • आत्म निर्णय, गरिमा, गोपनीयता, भावना, चयन और प्राथमिकता के साथ महिलाओं को मिलेगा इलाज
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केंद्र सरकार ने जच्चा-बच्चा की होने वाली मौतों को रोकने के लिए एक नई पहल शुरू की है। जयपुर समेत प्रदेश के तीन कैटेगरी के 250 संस्थानों मे ‘सुमन’ यानि सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम के तहत सरकार की ओर से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के छह माह बाद तक और बीमार नवजातों को निशुल्क इलाज मिलेगा।

आत्म निर्णय, गरिमा, गोपनीयता, भावना, चयन और प्राथमिकता के साथ महिलाओं का इलाज होगा। जयपुर में चयनित अस्पतालों में सांगानेर, गोविंदगढ़, विराटनगर, कोटपूतली, जमवारामगढ़, शाहपुरा, चाकसू, सांभर, बस्सी शामिल हैं। सुमन कार्यक्रम अप्रैल में शुरू होने के बाद अस्पतालों में यह सुविधा मिलने लगेगी। अभियान की मॉनिटरिंग व संचालन के लिए राष्ट्रीय, राज्य, जिला और ब्लाॅक स्तर पर समितियों का गठन होगा।

मातृ मृत्यु की पहली व सही खबर देने पर एक हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि

सुमन प्रोगाम के तहत शत-प्रतिशत मातृ मृत्यु दर की रिपोर्टिंग का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति की ओर से समुदाय में होने वाली पहली व सही मातृ मृत्यु की खबर देने पर उन्हें 1000 रुपए की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस का प्रावधान किया गया है। कोई भी व्यक्ति 104 टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
ये मिलेगा ‘सुमन’ का फायदा
चयनित अस्पतालों में आपात स्थिति के एक घंटे के भीतर रैफर किया जा सकेगा। जिसमें लाभार्थी को घर से अस्पताल तक पहुंचने के लिए एम्बुलेंस की सुविधा शामिल है। जटिलताओं के मामले एवं सिजेरियन प्रसव पर इलाज निशुल्क किया जाएगा। अभियान की अहम कड़ी विभाग की अग्रिम पंक्ति में स्वास्थ्य मित्र, आशा, एएनएम आदि होंगे।

फोकस : सुरक्षित मातृत्व आश्वासन कार्यक्रम (सुमन) के तहत एचबीएनसी, प्रसव पूर्व, प्रसव दौरान और प्रसव के बाद देखभाल, एएनसी, पोषण आदि पर फोकस रहेगा। जिसका सीधा लाभ गर्भवती को मिलेगा।

^प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सुमन कार्यक्रम के तहत 250 अस्पतालों का चयन किया गया है। केंद्र सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। बजट और अनुमति मिलने प्रोगाम अप्रैल माह में प्रारंभ हो जाएगा।
-डॉ. लक्ष्मण सिंह ओला, निदेशक (आरसीएच)

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