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एनईपी-2020:शिक्षा नीति में कक्षा 6 से कोडिंग सिखाने का प्रावधान, यहां स्कूलों के कम्प्यूटर लैब्स में टीचर्स ही नहीं

जयपुर2 महीने पहले
प्रतीकात्मक फोटो।
  • शिक्षा निदेशालय भी बता चुका है 10965 तृतीय श्रेणी कम्प्यूटर और 3616 द्वितीय श्रेणी कम्प्यूटर शिक्षकों की आवश्यकता
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शिक्षा नीति में कक्षा 6 से छात्रों के लिए कम्प्यूटर शिक्षा और कोडिंग का प्रावधान रखा है, लेकिन राजस्थान सहित कई प्रदेशों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भारी कमी है। प्रदेश में 8500 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब है, लेकिन ना कम्प्यूटर शिक्षक हैं और ना ही पद। इस साल सीएम अशोक गहलोत ने बजट में कम्प्यूटर शिक्षक का कैडर बनाने की घोषणा की थी, लेकिन मामला फाइलों में है। कम्प्यूटर शिक्षक नहीं होने से कम्प्यूटर शिक्षा के प्रावधान को लागू करने में परेशानी आएगी। प्रदेश में 2008 से चल रही आईसीटी योजना के तहत अब तक 8500 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब स्थापित हुई हैं।

सरकार ने बजट में माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षकों का कैडर बनाने की घोषणा के बाद शिक्षा निदेशालय से कम्प्यूटर शिक्षकों के पदोें के लिए प्रस्ताव भेजने को कहा था। निदेशालय ने 10965 तृतीय श्रेणी और 3616 द्वितीय श्रेणी के कम्प्यूटर शिक्षकों की जरूरत बताई थी।

अंग्रेजी माध्यम में ही शिक्षक का पद स्वीकृत
महात्मा गांधी राजकीय स्कूल (अंग्रेजी माध्यम) में कम्प्यूटर शिक्षक का एक-एक पद स्वीकृत है। इस पर भी नई भर्ती नहीं हुई। यहां शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर लगा रखा है। दूसरी ओर हिंदी माध्यम स्कूलों में पद ही नहीं हैं। 9वीं व 10वीं में आईटी की अवधारणा 1 व 2, 11वीं व 12वीं में आईटी व प्राोग्रामिंग 1 व 2 किताबें चलती हैं, लेकिन पढ़ाने वाला कोई नहीं है। ऐसे में कम्प्यूटर शिक्षा से जुड़े प्रावधान को लागू करना एक चुनौती होगा।

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