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जयपुर में पूरे परिवार ने खुदकुशी की:ज्वेलर ने पत्नी और दो बेटों के साथ फांसी लगाई, कर्ज देने वाले परेशान कर रहे थे; दोनों बेटों के पैर बंधे थे और महिला की आंख पर पट्‌टी थी

जयपुरएक महीने पहले
(बाएं तरफ) यशवंत सोनी और उनकी पत्नी ममता। दोनों बेटे अजीत और भारत सोनी। (फाइल फोटो)
  • मृतकों में 45 साल के कारोबारी यशवंत सोनी, उनकी पत्नी ममता, 23 और 20 साल के दो बेटे
  • मौके पर कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इस बारे में पुलिस ने फिलहाल चुप
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यहां ज्वेलर, उनकी पत्नी और दो बेटों के शव उनके घर में फंदे से लटकते मिले हैं। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने बताया कि मृतक यशवंत सोनी ने कर्ज लिया था। कर्ज माफिया उसे परेशान कर रहे थे, इसी से तंग आकर परिवार ने सामूहिक आत्महत्या कर ली। फिलहाल, शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके की जांच की।

कानोता इलाके के राधिका विहार में यशवंत (45) परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी ममता (41), बेटा अजीत (23) और भारत (20) थे। शनिवार सुबह जब परिवार बाहर नहीं दिखा तो आसपास रहने वाले रिश्तेदार घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। रिश्तेदारों ने आवाज दी तो कोई जवाब नहीं आया।

इसके बाद उन लोगों ने खिड़की से देखा तो पूरा परिवार फंदे पर लटका दिखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पिता और दोनों बेटे एक हॉल में फंदे पर लटके हुए थे। जबकि पत्नी अलग कमरे में फंदे से लटकी मिली। उनकी आंख पर पट्टी बंधी थी। वहीं दोनों बेटों के पैर बंधे हुए थे।

पिता और दो बेटे हॉल में लटके मिले। वहीं, महिला अन्य कमरे में फंदे से लटकी मिली।

आसपास के लोगों का कहना है कि रात को कुछ लोग घर पर आए थे। उनसे लेनदेन को लेकर कुछ कहासुनी हुई थी। उसके बाद क्या हुआ किसी को कुछ नहीं पता। यशवंत ज्वेलरी का काम करते थे। यह भी बताया जा रहा है कि मौके से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला। हालांकि, पुलिस ने सुसाइड नोट मिलने के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। फंदे से लटके बेटों के पैर और महिला की आंख पर पट्‌टी क्यों बंधी थी, इस बारे में भी अधिकारी स्पष्ट तौर पर बता नहीं पा रहे हैं।

एक महीने पहले भी यशवंत ने की थी आत्महत्या की कोशिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि यशवंत सोनी ने करीब एक महीने पहले भी आत्महत्या की कोशिश की थी। उन्होंने हाथ की नस काट ली थी। इस दौरान परिवार उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचा था, जहां उनकी जान बच गई थी।

कर्ज के कारण परेशान था परिवार

मौके पर पहुंचे एडिशनल एसपी मनोज चौधरी ने बताया कि परिवार का ज्वेलरी का काम था। पता चला है कि इन्होंने किसी से ब्याज पर पैसे ले रहे थे, जिसके कारण ब्याज माफिया इन्हें प्रताड़ित कर रहे थे। इससे परेशान होकर परिवार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उधर, बताया जा रहा है कि आसपास से लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।

फिलहाल, फोरेंसिक की टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं। चारों मृतकों के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जेएनयू अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया है। इनकी पहले कोरोना जांच की जाएगी। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद कल पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।

इसी मकान में परिवार के चारों सदस्यों के शव लटके मिले हैं।

हत्या के एंगल से भी होगी जांच?

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला सामूहिक आत्महत्या का लग रहा है। लेकिन, फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। चारों मृतकों की फोन कॉल की डिटेल भी निकलवाई गई है। ऐसे में सभी एंगल पर पुलिस जांच कर रही है।

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