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UP में बर्ड फ्लू का असर:अंडा व चिकन कारोबार को 8 दिन में 150 करोड़ रुपए का नुकसान, व्यापारी मायूस, बोले- ऐसा रहा तो बंद हो जाएगी दुकान

लखनऊ2 महीने पहलेलेखक: आदित्य तिवारी
लखनऊ में पोल्ट्री फार्मों से सैंपलिंग की जा रही है। अभी तक करीब 300 सैंपल की जांच हो चुकी है। लेकिन किसी में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है।
  • हरियाणा, मध्य प्रदेश से नहीं हो रही आवक, लोकल मंडियों से चल रहा कारोबार
  • होटल व पटरी दुकानदारों पर भी नहीं आ रहे खाने के शौकीन
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उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट है। बीते दिनों कानपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से अंडा और चिकन का कारोबार प्रभावित है। एक अनुमान के मुताबिक बीते 8 दिनों में प्रदेश में करीब 150 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हरियाण, दिल्ली, मध्य प्रदेश से आवक ठप हो गई है। केवल लखनऊ, मलिहाबाद, सुल्तानपुर से माल की कुछ आवक हो पा रही है। दैनिक भास्कर ने बर्ड फ्लू के असर और चिकन कारोबार को लेकर लखनऊ में मंडियों का जायजा लिया तो व्यापारी मायूस नजर आए।

लखनऊ में 10 हजार टन का माल आता था, अब आधा हो गया
लखनऊ के प्रमुख बाजार चौक‚ नक्खास‚ आलमबाग व खुर्रमनगर मुर्गा मंडी में रोजाना 10 हजार टन माल आता था। मगर बर्ड फ्लू के डर से ग्राहकों की संख्या आधी रह गयी है। बमुश्किल 5 हजार टन ही माल बिक रहा है। आलम यह रहा कि आम दिनों में जो कारोबारी 20 कुंतल चिकन की सप्लाई करते थे‚ वह अब पांच कुंतल भी नही कर पा रहे हैं। यही हाल अंडे का भी है। हालत ये है कि 80 रुपए प्रति दर्जन के भाव से मिलने वाला अंडा अब कोई 60 रुपए प्रति दर्जन भी नहीं खरीद रहा है।

आलमबाग के प्रमुख अंडा कारोबारी कदीर बताते हैं कि अब तक 200 तक की प्रति पेटी की गिरावट आयी है। सरकार की रोक के बाद प्रदेश के बाहर से माल नहीं आ रहा है। केवल लोकल स्तर व आस-पास के जिलों से ही माल आ आ रहा‚ जो कि आने वाले दिनों में और भी कम हो जाएगा।

कोई भी आपदा आए, व्यापार पर पड़ता है असर
गोमती नगर के ऊजरियांव स्थित प्रमुख चिकन व अंडा मार्केट के कारोबारी मनोज प्रसाद मेहता बीते 20 सालों से अंडे का कारोबार कर रहे हैं। उनका कहना है जब भी कोई महामारी या आपदा आती है तो सबसे पहला नुकसान कारोबारियों को ही होता है। अंडा की एक पेटी 1300 रुपए में बिक रही थी‚ वह अब कोई 980 रुपए में भी लेने वाला नहीं है। पहले प्रतिदिन करीब तीन हजार अंडा बेच लेते थे‚ लेकिन अब 15 सौ भी बिक जाए जाए तो बहुत है। अगर यही हालात रहे तो कारोबार बंद करना होगा। मोहम्मद नसीम का कहना है कि कारोबार आधा से भी कम हो गया।

जांच के बाद भी बढ़ी परेशानी

ऊजरियांव गांव स्थित चिकन व अंडा मंडी के कारोबारी मोहम्मद जुबैर बताते हैं कि उनके यहां मुर्गों की सप्लाई जिस कंपनी से आती है‚ वहां पहले ही जांच कर ली जाती है। लेकिन इसके बाद भी कोई लेने वाला नहीं है। जो चिकन 200 प्रति किलो के भाव से बिकता था‚ अब 160 में भी लेने वाला कोई नहीं हैं। खुर्रम नगर की मुर्गा मंडी के कारोबारी सईद बसीर बताते हैं कि जिस तरह से मांग घट रही है‚ उससे लग रहा है आने वाले दिनों में कारोबार बंद करना पड़ेगा।

सीतापुर रोड स्थित चिकन मंडी में ग्राहकों का आना कम हो गया है।

होटलों में भी कम हुई चिकन की मांग

बर्ड फ्लू महामारी फैलने के बाद लोग होटलों में चिकन खाने से परहेज कर रहे हैं। गोमती नगर के होटलों में जहां प्रतिदिन 50 किलो चिकन की सप्लाई थी। वह घटकर दस किलो भी नहीं रह गयी। इसी तरह ठंड के मौसम में सबसे अधिक बिक्री स्टालों पर अंडा रोल की होती थी‚ वह भी न के बराबर होती जा रही है।

रिपोर्ट आने के बाद कम हो रही बर्ड फ्लू की दहशत

लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी तेज सिंह यादव ने बताया कि अभी तक की जांच में किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू नहीं पाया गया है। मुर्गियों में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पहचान के लिए पोल्ट्री फार्मों का निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान बीते चार दिन से जारी है। 10 जनवरी को 100 और 11 जनवरी को 105 मुर्गियों में बर्ड फ्लू की जांच के लिए सैंपल बरेली भेजे गए थे। इसके बाद 65 सैंपल 12 जनवरी को भेजे गए। सभी की जांच रिपोर्ट पशुपालन विभाग को प्राप्त हो गई है। राहत की बात यह है अब तक की जांच में किसी भी पक्षी में बर्ड फ्लू नहीं पाया गया है।

लखनऊ में अंडा व चिकेन का भाव

उत्पाद मूल्य रुपए में (पहले) मूल्य रूपए में (अब)
चिकन 200 160
अंडा (पेटी) 1300 980
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