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अयोध्या:राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने पदाधिकारियों के साथ की बैठक, 4 दिन में तय करेंगे काम शुरू करने का प्लान

अयोध्याएक महीने पहले
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने 18 जुलाई को होने वाली बैठक से पहले पदाधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक कर तैयारियों को लेकर चर्चा की।
  • जिले के सर्किट हाउस में 18 जुलाई की बैठक में तय किया जाएगा कि कब आएंगे पीएम मोदी
  • स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, माधवाचार्य स्वामी और वरिष्ठ वकील के परासरन शामिल नहीं होंगे
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उत्तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्या पहुंचे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र बुधवार शाम को ही अयोध्या पहुंच गए। उन्होंने यहां पहुंचने के बाद हनुमानगढ़ी पहुंच कर दर्शन किया। इसके बाद वह गुरुवार सुबह राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। यहां रामलला के दर्शन किए और परिसर में अब तक मंदिर निर्माण की तैयारी का निरीक्षण किया।

बताया गया कि नृपेंद्र मिश्र 4 दिन के दौरे पर आए हैं। इस बीच वे राम मंदिर के तकनीकी निर्माण कार्य शुरू करने के बारे में बारीकी से मंथन करेंगे। वे मंदिर निर्माण की रूपरेखा को देंगे अंतिम रूप  देने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों से जानकारी भी लेगें। मंदिर निर्माण का शुभारंभ करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी क संभावित दौरे को लेकर भी नृपेंद्र मिश्र का अयोध्या प्रवास महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक शीर्ष कंपनियों के इंजीनियरों का दल भी अयोध्या  पहुंच रहा है। 

ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने पदाधिकारियों के साथ बैठक की

सुबह राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने अधिकारियों व ट्रस्ट के पदाधिकारियों  के साथ बैठक की। इसमें ट्रस्ट के महामंत्री चम्पत राय , सदस्य अनिल मिश्र, रामलला के सुरक्षा सलाहकार बीएसएफ के पूर्व डीजी केके शर्मा ,आईजी डॉ संजीव गुप्ता, कमिश्नर एमपी अग्रवाल, डीएम अनुज कुमार झा, एसएसपी आशीष तिवारी बैठक में मौजूद रहे। यह भी बताया गया कि ट्रस्ट के सदस्य गुरुवार सायं तक अयोध्या पहुंचने वाले हैं।

18 जुलाई को होने वाली बैठक की तैयारी पूरी

श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 18 जुलाई को होने जा रही है जिसकी तैयारी पूरी हो गई है। कोरोना संकट के चलते बैठक का स्थान अभी तय नहीं हो पाया है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्र के मुताबिक जिन तीन स्थलों को बैठक के लिए उपयुक्त माना गया  उनकी सुरक्षा को लेकर जांच हो रही है। गुरुवार तक स्थान फाइनल हो जाएगा। इस बीच चतुर्मास व कोरोना संकट के चलते तीन सदस्य बैठक में नहीं आ सकेंगे। इनमें प्रयागराज के जगदगुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, कर्नाटक के माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्न तीर्थ व मंदिर का केस लड़ने वाले सीनियर वकील के परासरन शामिल हैं। 

सूत्रों के मुताबिक कोरोना संकट के कारण वयोवृद्ध संत परमानंद का भी बैठक में पहुंच पाना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में कुल 11-12 सदस्य ही बैठक में शामिल हो सकतें हैं। ट्रस्ट में कुल 15 सदस्य हैं।

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