पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

लखनऊ सीबीआई कोर्ट के बाहर से:बाबरी मामले में अदालत ने कहा- घटना पूर्व नियोजित नहीं लगती; बरी होते ही जय भगवान गोयल बोले- ढांचा एजेंडे के तहत ढहाया गया

लखनऊ25 दिन पहलेलेखक: आदित्य तिवारी
बाबरी मामले में आरोपी रहे जय भगवान गोयल ने कोर्ट के फैसले के बाद विक्ट्री साइन बनाया।
  • बाबरी केस में सीबीआई ने 48 लोगों को आरोपी बनाया था, इसमें जय भगवान गोयल भी थे
  • गोयल ने फैसले के बाद मीडिया से कहा- फांसी भी हो जाती तो कोई गम नहीं था
No ad for you

अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने के मामले में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 28 साल बाद सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा नहीं लगता कि बाबरी मस्जिद गिराने की घटना पूर्व नियोजित थी। आरोपियों की मंशा ढांचे गिराने की नहीं थी। लेकिन, कोर्ट से बरी होते ही एक आरोपी जय भगवान गोयल ने अदालत की टिप्पणी के उलट कहा कि ढांचा एजेंडे के तहत ही गिराया था। एकाएक कुछ नहीं हुआ था।

'फांसी भी हो जाती तो कोई गम नहीं'
शिवसेना से जुड़े रहे जय भगवान गोयल ने बरी होने के तुरंत बाद कहा कि ढांचा गिराना पूर्व नियोजित था। गोयल ने यहां तक कहा कि उस समय खुद बजरंगबली आ गए थे और ढांचा ढहा दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अगर कोर्ट उन्हें फांसी की सजा भी सुना दें तो वे फांसी पर चढ़ जाएंगे। जमानत के लिए लोग नहीं लाएंगे।

कैमरे पर जय भगवान यह कहते नजर आ रहे हैं, 'जो काम हुआ था रामजी के लिए हुआ था। कोर्ट फांसी भी देती तो तैयार थे। राम जी का काम हो गया। फैसले से सभी खुश हैं। जो 6 दिसंबर को हुआ था, वो सही हुआ था। फैसला राम जी के पक्ष में आया।'

तब शिवसेना में थे गोयल, अब भाजपा में
बाबरी केस में आरोपी रहे जय भगवान गोयल का जन्म लुधियाना में हुआ था। वे 1982 में शिवसेना से जुड़े। इसके बाद उत्तर दिल्ली के शिवसेना अध्यक्ष भी रहे। इसके बाद 1988 ये 1990 तक दिल्ली ब्रांच के अध्यक्ष बनाए गए। फिर 1990 से 2008 तक उन्हें उत्तर पूर्व और दिल्ली शिवसेना का प्रमुख बनाया गया।

2008 में उन्होंने शिवसेना छोड़ दी थी। अब वे भाजपा में हैं। नरेंद्र मोदी पर उन्होंने एक किताब भी लिखी है। इसके अलावा यूनाइटेड हिंदू फ्रंट नाम से संगठन बना रखा है। जिसके वे संस्थापक हैं।

विक्ट्री साइन दिखाते पहुंचे आरोपी, अदालत में ही लगे जय श्रीराम के नारे

सीबीआई लखनऊ की विशेष अदालत के बाहर सुरक्षा का कड़ा पहरा था। सबसे पहले आरोपी संतोष दुबे विक्ट्री साइन दिखाते हुए कोर्ट के भीतर दाखिल हुए। पूर्व विधायक पवन पांडेय भी जयश्री राम के नारों के बीच अदालत परिसर में पहुंचे। उन्होंने फैसले से पहले कहा कि हम जमानती साथ लेकर आए हैं। जमानत मिल गई तो ठीक, नहीं तो राम के नाम पर जेल चले जाएंगे। सभी आरोपियों के बरी होने का फैसला आते ही कोर्ट में जमकर जय श्रीराम के नारे लगाए गए।

केस में आरोपी रहे पवन पांडेय ने कहा- सजा भी हो जाए तो गम नहीं।

अदालत के फैसले से पहले ही बरी होने की चर्चा

फैसले से पहले ही चर्चा थी कि सभी आरोपी बरी हो जाएंगे। वकील कह रहे थे कि चूंकि ढांचा भीड़ ने गिराया है, इसलिए इस मामले को कोई एक व्यक्ति दोषी नहीं साबित हो सकता है। इसके अलावा ज्यादातर गवाह भी अदालत में अपनी बातों से मुकर गए थे।

No ad for you

उत्तरप्रदेश की अन्य खबरें

Copyright © 2020-21 DB Corp ltd., All Rights Reserved

This website follows the DNPA Code of Ethics.