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कानपुर शूटआउट:एनकाउंटर में ढेर विकास दुबे के साथी प्रभात के नाबालिग होने का दावा; मार्कशीट दिखाकर बहन ने कहा- उसे गलत मार दिया गया

लखनऊएक महीने पहले
कानपुर के बिकरु गांव में हुई मुठभेड़ में प्रभात शामिल था। बाद में वह पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। अब परिजनों का दावा है कि वह नाबालिग था।
  • पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल, पुलिस ने प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय की 20 साल उम्र बताई थी
  • कानपुर के बिकरु गांव में 2 जुलाई को पुलिस से मुठभेड़ में प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय के शामिल होने का आरोप
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उत्तर प्रदेश के कानपुर कांड के आरोप में एनकाउंटर में मारे गए प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय की उम्र पर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने प्रभात की उम्र 20 साल बताई थी, जबकि मंगलवार को उसके परिवार ने दावा किया कि प्रभात की उम्र 17 साल थी। इस संबंध में मार्कशीट और आधार कार्ड दिखाया गया है। इसमें प्रभात की जन्मतिथि 27 मई 2004 लिखी हुई है। प्रभात को फरीदाबाद से गिरफ्तार करने के बाद कानपुर लाते समय पुलिस ने 9 जुलाई की सुबह एनकाउंटर में मार गिराया था।

बहन बोली- बिना गलती के मार दिया
प्रभात की बड़ी बहन हिमांशी ने दावा किया कि उसके पिता कभी भी विकास के पास उठते-बैठते नहीं थे। मेरे परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। भाई को तो पहले ही बिना गलती मार दिया। वह तो नाबालिग था। तीन-तीन बार घर की तलाशी ली गई। घर में कुछ नहीं मिला। 

प्रेस नोट में उम्र 20 साल
प्रेस नोट में प्रभात उर्फ कार्तिकेय की उम्र 20 साल बताई गई थी। मंगलवार को हिमांशी ने प्रभात की हाईस्कूल परीक्षा यूपी बोर्ड-2018 की मार्कशीट बताई। इसमें जन्मतिथि 27 मई 2004 दर्ज है। इसमें उसका नाम कार्तिकेय पुत्र राजेंद्र कुमार दर्ज है। आधार कार्ड में भी यही नाम और पता- ग्राम बिकरू पोस्ट कंजती जिला कानपुर नगर-209204 दर्ज है।

भागने की कोशिश कर रहा था, एनकाउंटर का दावा
एसआई देवेंद्र और सिपाही सुनील कुमार प्रभात को लेकर आ रहे थे। कार का टायर पंक्चर होने पर नीचे उतरे। इसी दौरान मौका देखकर प्रभात ने सिपाही सुनील को मुक्का मारा और देवेंद्र की सरकारी पिस्टल छीनकर फायर करते हुए भागा। पीछे से आ रही एसटीएफ ने पीछा किया तो प्रभात ने फायरिंग की। इसमें एसटीएफ के सिपाही विकास और सुनील घायल हो गए थे, जबकि एसआई अक्षय प्रवीर त्यागी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी थी। जवाबी फायरिंग में प्रभात गोली लगने से जख्मी हुआ था। कल्याणपुर सीएचसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उसके कब्जे से 9 एमएम पिस्टल बरामद हुई थी।

अब तक 6 मारे जा चुके, 3 गिरफ्तार; 11 की तलाश
एडीजी ने बताया कि इस मामले में 21 अभियुक्त नामजद थे। इनमें से श्याम दुबे, दयाशंकर अग्निहोत्री और शशिकांत दुबे को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी विकास दुबे समेत 6 अभियुक्त एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। 11 अभियुक्तों की तलाश जारी है। चौबेपुर थाने के तत्कालीन इंचार्ज और एसआई के खिलाफ भी केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में जो भी कार्रवाई होगी, नियम और कानून के अनुसार होगी।

विकास दुबे उज्जैन से पकड़ा गया, कानपुर के पास मुठभेड़
शूटआउट की रात पुलिस टीम बिकरु गांव में गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गई थी। वारदात के बाद वह साथियों समेत फरार हो गया था। घटना के 7वें दिन विकास को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के परिसर से गिरफ्तार किया गया। अगले दिन कानपुर लाते वक्त मुठभेड़ में यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर मार गिराया था।

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