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कोरोना के कारण मूर्ति कला के रोजगार पर ग्रहण:अयोध्या में इस साल नहीं आए कोलकाता के मूर्तिकार, सार्वजनिक स्थलों पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व गणेश महोत्सव पर लगी रोक

अयोध्या6 महीने पहले
अयोध्या में मूर्तिकारों का धंधा मंदा हो गया है। इस बार मूर्तिकारों को मूर्ति के ऑर्डर नहीं मिले हैं जिसकी वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
  • जन्माष्टमी के मौके पर छोटे स्तर पर मूर्तिकार ढ़ाई सौ से 300 मूर्तियां बना कर बेंच देते थे
  • मूर्तियों की मांग में गिरावट को देखते हुए अब मूर्तियों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया
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उत्तर प्रदेश के कोरोना संकट के चलते इस साल जन्माष्टमी के मौके पर कान्हा घरों की झांकियों में ही झूला झूलेंगे। मंगलवार से शुरू यह उत्सव सार्वजनिक स्थलों वे पुलिस थानों पर भव्यता से नहीं मनाया जा रहा है।। प्रशासन ने भीड़ एकत्र करने वाले आयोजन पर प्रतिबंध लगाया है। इससे दुर्गा पूजा कृष्ण जन्माष्टमी व गणेश महोत्सव के त्योहारों में मूर्तियों के कारीगर बेरोजगार हो गए हैं। 22 अगस्त से गणेश उत्सव का आयोजन शुरू होना है।

अयोध्या में करीब 6 हजार मंदिर होने के बावजूद बड़ी संख्या में अस्थाई मूर्तियों को स्थापित कर पूजा की जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी गणेश उत्सव दुर्गा पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों पर जिले के सभी प्रमुख स्थलों पर अस्थाई मूर्तियों की स्थापना की जाती रही है।

कोलकाता से कई महीने पहले ही आ जाते थे मूर्तिकार
पिछले साल तक कोलकाता से 10 से 12 की संख्या में बड़े मूर्तिकार यहां कई महीने पहले आ कर डेरा जमा लेते थे। देवकली क्षेत्र में बड़ी संख्या में मूर्तियों का कारोबार किया जाता था। लॉकडाउन के चलते कोलकाता से मूर्तिकार नहीं आ सके। अब छोटे स्तर पर मूर्तिकार ढ़ाई सौ से 300 मूर्तियां बना कर बेंच देते थे। लेकिन उन्हें भी अब तक मूर्तियों के बनाने का ऑर्डर नहीं मिला है।

अब लोकल कारीगर घरों के प्रांगण में स्थापित की जाने वाली अस्थाई छोटी मूर्तियों की मांग को देखते हुए मूर्तियां बनाने के कार्य में लगे हुए हैं। अयोध्या के मूर्तिकार राजकुमार का कहना है कि लंबे समय से कोरोना के चलते प्रतिबंध लगा था। लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि मूर्ति बनाने के कार्य में तेजी आएगी। लेकिन समय और मूर्तियों की मांग में गिरावट को देखते हुए अब मूर्तियों का कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है।

राजकुमार ने बताया कि वह इस उम्मीद के साथ छोटी मूर्तियों का निर्माण कर रहे हैं कि लोग इन मूर्तियों को घरों में स्थापित करके गणेश चतुर्थी और नवरात्र पर पूजा पाठ कर सकेंगे। हालांकि की मूर्तियों को बनाने का उन्हें अब तक आर्डर नहीं मिला है ।

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