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स्वनिधि योजना के लाभार्थियों से पीएम का संवाद:लखनऊ के पटरी दुकानदार विजय बहादुर से मोदी ने पूछा; क्या नई पीढ़ी के बच्चे भी भेलपूरी खाते हैं? जवाब मिला- यहां इसकी काफी डिमांड

लखनऊएक महीने पहले
पीएम मोदी ने लखनऊ में लइया चना बेचने वाले विजय बहादुर से बात की।
  • विजय बहादुर लखनऊ के चौक में लइया-चना का ठेला लगाते हैं
  • योजना के तहत 10 हजार का मिला था लोन, लॉकडाउन में बिगड़ गई थी माली हालत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि’ (पीएम स्वनिधि योजना) के चार लाभार्थियों से वर्चुअल संवाद किया। लाभार्थियों में लखनऊ के विजय बहादुर व शशि के अलावा वाराणसी में अरविंद, आगरा की प्रीती शामिल थीं। इन दुकानदारों का लॉकडाउन में रोजगार चौपट हो गया था। लेकिन योजना के तहत मिले लोन से इन्हें अपनी आजीविका को नए सिरे से शुरू करने का अवसर मिला। लखनऊ में लइया-चना की दुकान लगाने वाले विजय बहादुर से पीएम ने पूछा कि क्या नई पीढ़ी भेलपूरी पसंद करती है। जवाब में विजय ने कहा कि लखनऊ में इसकी खूब डिमांड है। युवा-बुजुर्ग सभी इसे पसंद करते हैं। हर दिन 250 रुपए की कमाई हो जाती है।

विजय बहादुर।

विजय बहादुर लखनऊ में चौक कॉम्पलेक्स के पर अपनी दुकान लगाते हैं। कोरोना संकट काल में लगे लॉकडाउन में विजय बहादुर का रोजगार बंद हो गया तो उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन दोबारा व्यवसाय शुरू होने से वे काफी खुश है। आइए जानते हैं पीएम मोदी से विजय की क्या बातचीत हुई...

पीएम मोदी: आपने पीएम स्वनिधि योजना के सहयोग से क्या काम शुरू किया है?

विजय बहादुर: पीएम स्वनिधि योजना से हमने अपना रोजगार शुरू किया है। मुझे 10 हजार रुपए का लोन मिला है। सामान खरीदकर घर पर रख लिया है।

पीएम मोदी: यह बहुत खुशी की बात है कि, आपका समय भी बच रहा है और एक बार में सारा सामान लाकर रख लिया है। लखनऊ में लइया चना वैसे भी बहुत फेमस है। बिकता भी खूब होगा?

विजय बहादुर: जी, यहां मार्केट भी है, शाम को लोग नाश्ता भी इसी का करते हैं।

पीएम मोदी: कुछ लोग तो बहुत आदी होंगे? ये नई पीढ़ी के लोग खाते हैं क्या, उनको बाहर की चीजें खाना पसंद होता है?

विजय बहादुर: जी, नई पीढ़ी के बच्चे भी खाते हैं, ज्यादातर बच्चे चने नहीं खाते है, उनको लइया, मूंगफली के साथ चना मिलाकर देते हैं।

पीएम मोदी: आप जैसे अन्य गरीब परिवारों को भी इन योजनाओं का लाभ मिला है या गिने-चुने लोगों को मिला है?

विजय बहादुर: चौक, हुसैनाबाद क्षेत्र में तमाम लोगों को लोन मिला है। पटरी दुकानदारों ने आपको 'धन्यवाद' बोल देने के लिए कहा है।

पीएम मोदी: चलिए आपने उनकी तरफ से खबर पहुंचाई तो हमारी तरफ से आप उनको शुभकामनाएं दे दीजिएगा। कह दीजिएगा कि उनका धंधा फले फूले खूब और परिवार में बच्चे पढ़ें आगे तक जाएं यह शुभकामनाएं देता हूं।

विजय बहादुर: आपने बहुत ही सराहनीय काम किया है। कोरोना संकट काल में 22 मार्च से ही यूपी में लॉकडाउन हो गया था। 20 मार्च से दुकानें बंद करा दी गई थी। परिवार के सामने खाने का संकट खड़ा हो रहा था। लेकिन सरकार ने राशन दिया। नगर निगम ने भी खाने के पैकेट दिए। जिससे सहूलियत मिली।

पीएम मोदी: अब जब काम शुरू हो गया, मुझे ऐसा तो नहीं पूछना चाहिए था, कोई मैं इनकमटैक्स वाला नहीं हूं, ऐसे ही जाने के लिए पूछ रहा हूं तो कितने रुपए की आमदनी हो जाती है?

विजय बहादुर: हमारी तो दो-ढाई सौ रुपए आमदनी हो जाती है।

पीएम मोदी: चलिए अच्छी बात है, विजय बहादुर जी मुझे उम्मीद है आपकी और आपके परिवार की मदद से खूब उन्नति होगी। क्वालिटी पर जिस तरीके से आप ध्यान देने की बात कर रहे हैं और थोक में सामान लाकर करके रख रहे हैं। जिस तरीके से अपने व्यवसाय में आप प्रोफेशनल मैनेजमेंट ला रहे हैं। देखिए हाथ में पैसा भी होता है, गरीब आदमी भी, कम पढ़ा लिखा आदमी भी कैसे अपने चीजों को बदलता यह कौशल आपने दिखाया है। आपको मेरी तरफ से, बहुत शुभकामनाएं 'भैया'

स्ट्रीट वेंडर शशि।

कपड़े बेचने वाली शशि से भी पीएम ने की बात

प्रधानमंत्री ने पटरी दुकानदार शशि से भी संवाद किया। शशि आलमबाग में कपड़े की दुकान लगाती हैं। जबकि उनके पति धर्मेंद्र भी ठेले पर कपड़े बेचते हैं। शशि कहती हैं ये उनके लिए सौभाग्य बात है कि उनकी पीएम से बात हुई है।

प्रदेश में स्वनिधि योजना के लाभर्थियों की संख्या
पीएम स्वनिधि योजना के तहत जिले में 38 बैंक पात्रों को लोन दे रही है। लखनऊ नगर निगम में अब तक 41,476 स्ट्रीट वेंडर्स ने लोन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है। इनमें से बैंकों ने 20,142 लोन मंजूर कर दिए हैं। करीब 15,682 पात्रों के खातों में लोन की रकम भेजी जा चुकी है। 23 अक्टूबर तक दिए गए लाभ का 74.72 फीसद पूरा करने में लखनऊ नगर निगम पहले नंबर पर है। वहीं वाराणसी इस सूची में दूसरे और आगरा तीसरे स्थान पर है। वाराणसी में 41,670 स्ट्रीट वेंडर्स ने आवेदन किया है। जबकि 27,515 को लोन स्वीकृत हुआ है और 19,541 पात्रों के खातों में वितरित किया गया है। आगरा में 17,500 आवेदकों के मुकाबले 20,680 को लोन मंजूर हुआ और 14,167 के खाते में रकम भेजी गई।

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