औरंगाबाद सीट / 4 बार से सांसद पर शिवसेना ने जताया भरोसा, एआईएमआईएम ने भी उतारा प्रत्याशी

सांसद चंद्रकांत खैरे-फाइल

  • यहां से एआईएमआईएम ने पूर्व पत्रकार इम्तियाज जलील को मैदान में उतारा
  • मराठों को आरक्षण देकर भाजपा-शिवसेना ने मराठा वोटर्स को साधने का प्रयास किया

Dainik Bhaskar

Apr 20, 2019, 12:14 AM IST

औरंगाबाद. महाराष्ट्र की औरंगाबाद सीट शिवसेना के गढ़ के रूप में जानी जाती है। चार बार के सांसद चंद्रकांत खैरे को शिवसेना ने फिर अपना उम्मीदवार बनाया है। मराठा आंदोलन का सबसे ज्यादा असर औरंगाबाद लोकसभा सीट पर दिखाई दिया था। हालांकि मराठों को आरक्षण देकर भाजपा-शिवसेना ने मराठा वोटर्स को साधने का प्रयास किया है।

औरंगाबाद सीट से 23 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस ने सुभाष माणकचंद पर दांव लगाया है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी की ओर से जया बलु राजकुंदल और बहुजन मुक्ति पार्टी की ओर से दिपाली लालाजी मिसाल चुनाव लड़ रही हैं। यहां से एआईएमआईएम ने पूर्व पत्रकार इम्तियाज जलील को मैदान में उतारा है। इनके अलावा 9 निर्दलीय भी चुनाव लड़ रहे हैं।

2014 का चुनावी समीकरण

2014 में शिवसेना के चंद्राकांत ने 5 लाख 20 हजार 902 वोट हासिल किएथे। दूसरे स्थान पर कांग्रेस पार्टी के पाटिल नितिन सुरेश रहे थे। जिन्होंने 3 लाख 58 हजार 902 वोट हासिल किए। बहुजन समाज पार्टी के इंद्र कुमार 37 हजार 419 वोट पाकर तीसरे तो आम आदमी पार्टी के सुभाष कल्याणराव 11 हजार 974 वोट पाकर चौथेस्थान पर रहे थे।

विधानसभाएं

औरंगाबाद संसदीय क्षेत्र में 6 विधानसभा सीटें आती हैं। इन पर मराठा समुदाय का अच्छा खासा दबदबा है। कन्नड़, औरंगाबाद पश्चिम विधानसभा सीट पर शिवसेना का कब्जा है। जबकि औरंगाबाद मध्य में एआईएमआईएम और औरंगाबाद पूर्व, गंगापुर में भाजपाका कब्जा है। इसके अलावा वौजापुर में एनसीपी काकब्जा है।

यहां है 'पश्चिम का ताजमहल'

महाराष्ट्र का औरंगाबाद शहर अजंता और एलोरा की गुफाओं की वजह से काफी मशहूर है। इन गुफाओं को विश्व धरोहर (वर्ल्‍ड हेरिटेज) में शामिल किया गया। मध्‍यकाल में औरंगाबाद भारत में अपना महत्‍वपूर्ण स्‍थान रखता था। औरंगजेब ने अपने जीवन का एक हिस्सा यहीं व्‍य‍तीत किया था। यहीं औरंगजेब की मृत्‍यु भी हुई थी। औरंगजेब की पत्‍नी रबिया दुरानी का मकबरा भी यही हैं। इसीलिए इसे 'पश्चिम का ताजमहल' भी कहा जाता है।

सांसद खैरे का रिपोर्ट कार्ड

चंद्रकांत खैरे लगातार चार बार से इस सीट पर सांसद हैं, दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभ में उनकी उपस्थिति 73 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 64 डिबेट में हिस्सा लिया है और 567 प्रश्न पूछे हैं।

औरंगाबाद सीट का इतिहास-

साल सांसद पार्टी
1952 सुरेश चंद्र इंडियन नेशनल कांग्रेस
1957 स्वामी रामानंद तीर्थ इंडियन नेशनल कांग्रेस
1962 भाऊराव दगडूराव देशमुख इंडियन नेशनल कांग्रेस
1967 बी.डी. देशमुख इंडियन नेशनल कांग्रेस
1971 माणिकराव पलोड़कर इंडियन नेशनल कांग्रेस
1977 बापू कलडेट जनता पार्टी
1980 काजी सलीम इंडियन नेशनल कांग्रेस
1984 साहेब्रा डोंगांवकर इंडियन नेशनल कांग्रेस
1989 मोरेश्वर सावे शिवसेना
1991 मोरेश्वर सावे शिवसेना
1996 प्रदीप जैसवाल शिवसेना
1998 रामकृष्ण पाटिल इंडियन नेशनल कांग्रेस
1999 चंद्रकांत खैरे शिवसेना
2004 चंद्रकांत खैरे शिवसेना
2009 चंद्रकांत खैरे शिवसेना
2014 चंद्रकांत खैरे शिवसेना
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