पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

बीएमसी में शिवसेना के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारेगी भाजपा, राकांपा-कांग्रेस ने समर्थन का ऐलान किया

9 महीने पहले
बीएमसी।
  • बृहन मुंबई महानगरपालिका में 22 नवंबर को मेयर पद का चुनाव है, विधानसभा चुनाव के कारण तारीख बढ़ा दी गई थी
  • 2017 में भाजपा के समर्थन से शिवसेना के विश्ननाथ महाडेश्वर ने मेयर पद पर जीत हासिल की थी
No ad for you

मुंबई. बृहन मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) में 22 नवंबर को मेयर का चुनाव है। फरवरी 2017 में भाजपा के समर्थन से शिवसेना के उम्मीदवार विश्वनाथ महाडेश्वर ने जीत हासिल की थी। विश्वनाथ महादेश्व का कार्यकाल सितंबर 2019 में समाप्त हो रहा था। लेकिन, विधानसभा चुनाव की वजह से उनका कार्यकाल नवंबर तक बढ़ाया गया था।
 
मेयर पद के लिए होने जा रहे चुनाव के नामांकन का सोमवार को आखिरी दिन रहा। मुंबई के नए मेयर पद पर बीएमसी स्थाई समिति के अध्यक्ष यशवंत जाधव का नाम सबसे आगे चल रहा है। विधानसभा चुनावों के बाद बिगड़े समीकरण के कारण शिवसेना और भाजपा अब अलग-अलग हो चुकी हैं। भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा, ‘‘भाजपा मुंबई मेयर का चुनाव नहीं लड़ेगी क्योंकि हमारे पास संख्या बल नहीं है। हम विपक्षी दल के साथ कोई गठबंधन नहीं करना चाहते हैं। 2022 में हम अपने दल पर बहुमत हासिल करेंगे।’’ वहीं, कांग्रेस और राकांपा ने शिवसेना को समर्थन देने का फैसला किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि अगला मेयर भी शिवसेना का ही होगा।
 

बीएमसी में पार्टियों की स्थिति
बीएमसी के पिछले चुनाव में शिवसेना के 84 पार्षद चुनाव जीते थे, जबकि भाजपा के 82 उम्मीदवारों को जीत मिली थी। कांग्रेस के 31 पार्षद जीते थे जबकि राकांपा के 7 और समाजवादी पार्टी के 6 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। बाद में 6 निर्दलीय पार्षद शिवसेना में शामिल हो गए थे।  

नियम के हिसाब से महाराष्ट्र के नगर निगमों में एक टर्म यानि पांच साल के दौरान दो मेयर चुने जाते हैं। मुंबई के अलवा महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे और नासिक समेत 27 नगर पालिकाओं में भी मेयर का चुनाव होने वाला है। ठाणे में जहां मेयर पद पर शिवसेना, वहीं पुणे में भाजपा का कब्जा है। दोनों ही जगहों पर ये पार्टियां एक-दूसरे को समर्थन कर रहीं थीं।
 

No ad for you

देश की अन्य खबरें

Copyright © 2020-21 DB Corp ltd., All Rights Reserved