लोकसभा चुनाव / 10 फीट की सड़क; एक तरफ रहने वाले पिता 12 को राजगढ़ तो दूसरी तरफ रहने वाले बेटे 19 मई को देवास सीट पर करेंगे वोट

  • आगर-मालवा के एक गांव की अजीब स्थिति, एक सड़क के कारण पिता और बेटों की संसदीय सीट ही बंट गई, दोनों ओर की विधानसभाएं भी अलग-अलग हैं...

Dainik Bhaskar

Apr 21, 2019, 04:50 AM IST

सचिन जैन | आगर-मालवा .सुनने में भले ही यह अजीब लगे, पर सच है। आगर-मालवा जिले का एक गांव है आमला। यहां बनी एक सड़क के दोनों ओर एक परिवार रहता है। पिता जहां 12 मई को राजगढ़ लोकसभा सीट के लिए वोट डालेंगे, तो बेटा 19 मई को देवास संसदीय सीट के लिए अपना सांसद चुनेगा। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर इस गांव को दो लोकसभा क्षेत्रों में बांटा गया है। इस कारण पिता काशीराम राजगढ़ सीट के मतदाता बन गए, जबकि बेटे कमलसिंह और कालूराम का नाम देवास सीट की मतदाता सूची में दर्ज हो गया।

आमला आगर में 850 से ज्यादा मतदाता, जो हर चुनाव में 9 किमी दूर वोट डालने जाते हैं

सरकारी योजनाओं का लाभ देती हैं अलग-अलग पंचायत व तहसील :इस गांव में सड़क के एक दिशा में ग्रामीण आमला आगर में आते है, जिसकी ग्राम पंचायत आमला ही है और विधानसभा और थाना आगर लगता है। लोकसभा देवास-शाजापुर लगती है, जबकि सड़क की दूसरी तरफ आमला चौराहा लगता है। जिसकी ग्राम पंचायत सेमलखेड़ी है, जो गांव से 9 किमी दूर है। तहसील नलखेड़ा और लोकसभा राजगढ लगती है, जिसके कारण इस गांव के ग्रामीणों को चाहे वह शासन की सुविधा हो या योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग-अलग पंचायत, तहसील में जाना पड़ता है।

आमला चौराहे पर करीब 300 मतदाता, सभी परेशान :इस गांव के आमला चौराहा निवासियों के लिए जो मतदान केंद्र बना है, वह 9 किमी दूर ग्राम सेमलखेड़ी में है। ग्राम पंचायत के पंच मुज्जफर खान ने बताया कि इतनी दूर मतदान केंद्र होने से ग्रामीण हर बार परेशान होते हैं। प्रशासन को कई बार सूचित किया गया, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। हमारी मांग है कि आमला चौराहा में ही मतदान केंद्र बनाया जाए, क्योंकि यहां करीब 300 मतदाता हैं। वहीं आमला आगर में 850 वोटर रजिस्टर्ड हैं।

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