लोकसभा चुनाव / इस बार नौ ब्राह्मण और 10 क्षत्रिय पर दांव; 42 साल बाद सतना में कांग्रेस से ब्राह्मण मैदान में

  • लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जहां 11 सीटों पर तो कांग्रेस ने 8 सीटों पर ब्राह्मण-क्षत्रिय उम्मीदवार उतारे
  • बाकी 10 सीटों में से 4 अजा और 6 अजजा के लिए आरक्षित
  • छिंदवाड़ा जैसी सामान्य लोस सीट पर भाजपा ने आदिवासी नत्थन शाह को टिकट दिया, कारण- वहां की 27% आबादी गोंड

Dainik Bhaskar

Apr 21, 2019, 04:37 AM IST

अनिल गुप्ता | भोपाल .मप्र की 29 लोकसभा सीटों में से भाजपा 28 (इंदौर अभी घोषित नहीं) और कांग्रेस सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। इनमें से ब्राह्मण और क्षत्रिय वर्ग से दोनों दलों ने 19 उम्मीदवार उतारे हैं। भाजपा ने 11 और कांग्रेस ने आठ। इस बार जातिगत समीकरण साधने की दोनों दलों ने भरपूर कोशिश की, वह भी पूरा होमवर्क करके। भाजपा ने जहां पहली बार तीन खटीकों को टिकट दिया तो सतना में 42 साल बाद कांग्रेस ने ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा। छिंदवाड़ा जैसी सामान्य सीट पर कांग्रेस के नकुलनाथ के सामने भाजपा ने आदिवासी वर्ग के नत्थन शाह को उम्मीदवार बनाया है जो वहां की 27 फीसदी गोंड जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह भी पहली बार हुआ है कि 29 सीटों पर नाम घोषित करने के लिए दोनों दलों ने पांच बार सूची निकाली। एक उम्मीदवार की घोषणा के लिए भाजपा की छठी सूची का अभी भी इंतजार है।

मुरैना में बसपा के कुशवाह ने नामांकन वापस ले लिया, गुर्जर को उतारा क्योंकि गुर्जर भाजपा से नाराज हैं

  • मुरैना सीट पर भी हाल ही में जातिगत समीकरण साधने का मामला सामने आया। यहां क्षत्रिय 13 फीसदी और रावत समाज के 8 प्रतिशत लोग हैं। यहां बसपा ने कुशवाह वर्ग से उम्मीदवार उतारा था, जिसका प्रभाव क्षेत्र में 9 फीसदी है। जैसे ही चुनाव परवान चढ़ा तो कुशवाह उम्मीदवार ने नामांकन वापस ले लिया। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। हालांकि 13.8 फीसदी जाटव और 7.5 फीसदी गुर्जर निर्णायक होंगे। गुर्जर भाजपा से नाराज चल रहे हैं।
  • मालवा की कई सीटों पर बलाई वर्ग को साधने भाजपा ने भले ही एक सीट देवास में बलाई समाज से महेंद्र सोलंकी को उतारा हो, लेकिन कांग्रेस ने देवास से प्रहलाद टिपानिया और उज्जैन से बाबूलाल मालवीय को टिकट दिया है। देवास में 8.7%, उज्जैन में 10.8%, मंदसौर में 6.3%, इंदौर में 5.5% और खंडवा में 4.2% बलाई समाज के लोग हैं। साफ है कि इस बार दोनों दलों ने जातिगत कार्ड को सोच-समझकर चला है।

विंध्य : 64 फीसदी ब्राह्मण वोटों पर दोनों दलों की नजर

  • सीधी (13.4 प्रतिशत), रीवा (29.2 प्रतिशत) और सतना (20 फीसदी) की सीटों पर कुल करीब 64 फीसदी ब्राह्मणों को साधने के लिए भाजपा ने सीधी में रीति पाठक और रीवा में जनार्दन मिश्रा के रूप में ब्राह्मण तो कांग्रेस ने रीवा से सिद्धार्थ तिवारी और सतना राजाराम त्रिपाठी के तौर पर ब्राह्मण कैंडिडेट दिया है। सीधी में कांग्रेस ने क्षत्रिय अजय सिंह तो सतना में भाजपा ने गणेश सिंह पटेल को उतारा है। इससे रीवा-सतना के 23 फीसदी कुर्मी व पटेल वोट साधेंगे तो क्षत्रिय वर्ग के 17 फीसदी वोटों में पैठ बनेगी। हालांकि इन सबके बीच सीधी, रीवा और सतना में फैले 10-10 फीसदी कोल वर्ग के लोग निर्णायक होंगे।

पहली बार भाजपा से तीन खटीक :भाजपा ने पहली बार भिंड से संध्या राय, टीकमगढ़ से वीरेंद्र कुमार खटीक और उज्जैन सीट से अनिल फिरोजिया के रूप में खटीक वर्ग का उम्मीदवार दिया है। तीनों सीटों पर उम्मीदवारों को सामान्य व ओबीसी वर्ग के वोटरों पर निर्भर रहना होगा।


सतना में ब्राह्मण को दिया मौका :कांग्रेस ने सतना संसदीय सीट में 1977 में आखिरी बार ब्राह्मण कैंडिडेट रामचंद्र वाजपेयी को उतारा था जो हार गए। इसके बाद इस सीट पर कांग्रेस ने मुस्लिम और क्षत्रिय प्रत्याशी दिए। अब जाकर 2019 में राजाराम त्रिपाठी को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने भी 1984 में सतना से सीट से आखिरी बार बृजेंद्र पाठक को उतारा था।

प्रमुख सीट और प्रभावी जाति

  • जबलपुर वैश्य-ब्राह्मण क्रम‌श: 9 व 8 फीसदी। इसी वर्ग में भाजपा से राकेश सिंह व कांग्रेस से विवेक तन्खा प्रत्याशी। निर्णायक गौंड 8.8 प्रतिशत।
  • बालाघाट इस सीट पर पंवार 15.3 फीसदी। इसी वर्ग से भाजपा ने ढाल सिंह को प्रत्याशी बनाया। कांग्रेस के मधु भगत की ओबीसी वर्ग पर नजर।
  • दमोह 25 फीसदी लोधी और कुर्मी हैं। इसी वर्ग से भाजपा और कांग्रेस ने उम्मीदवार उतारे।
  • टीकमगढ़ अहिरवार 13 फीसदी और खटीक 0.6 फीसदी हैं। कांग्रेस ने किरण अहिरवार को टिकट दिया है, जबकि वीरेंद्र खटीक भाजपा से हैं और पिछले चुनावों ने जीते हैं।
  • खजुराहो ब्राह्मण 14.1 व क्षत्रिय 8 फीसदी हैं। भाजपा-कांग्रेस ने क्रमश: इसी वर्ग से उम्मीदवार दिए हैं। निर्णायक 16 फीसदी लोधी व कुर्मी होंगे।
  • सतना ब्राह्मण 20 फीसदी, कुर्मी-पटेल 10 फीसदी। कांग्रेस ने राजाराम त्रिपाठी और भाजपा ने गणेश सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है।
  • रीवा 29.2% ब्राह्मण। दोनों दलों ने इसी पर नजर गड़ाई है। पिछले चुनाव में ब्राह्मण वोट ही निर्णायक रहे थे।
  • होशंगाबाद 10 फीसदी लोधी-कुर्मी पर कांग्रेस के शैलेंद्र दीवान की और पुरविया राजपूत व राजपूतों के 5 से 6 फीसदी वोटों पर भाजपा के राव उदय प्रताप सिंह की नजर है।
  • गुना कांग्रेस के ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने भाजपा ने केपी यादव को टिकट दिया है। यहां 11.5 फीसदी यादव वोट हैं। यहां लोधी, किरार, जाटव और ब्राह्मण वोट निर्णायक होंगे।
  • खंडवा यादव 2.4% हैं जबकि कांग्रेस ने इसी वर्ग से अरुण यादव को उतारा है। क्षत्रिय 6.4% हैं और भाजपा से नंदकुमार सिंह चौहान मैदान में हैं। यहां भील-भिलाला के 18 और 10 फीसदी मुस्लिमों पर नजर है।
Share
Next Story

सियासी फ्लैश बैक / राजकपूर के दोस्त थे गीतकार विट्‌ठलभाई, 1977 के चुनाव में उतरे तो मुंबई से आई प्रचार सामग्री

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News