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मध्यप्रदेश/ किसानों की कर्जमाफी के निर्देश जारी, किसानों का 12 दिसंबर तक का कर्ज माफ होगा

Dainik Bhaskar | Jan 08, 2019, 07:48 PM IST
कमलनाथ सरकार का कहना है कि कर्जमाफी से प्रदेश के 55 लाख किसान परिवारों को फायदा होगा।
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  • कर्ज माफी योजना को 5 जनवरी को कैबिनेट नेमंजूरी दी, 35 लाख किसानों को फायदा

Dainik Bhaskar

Jan 08, 2019, 07:48 PM IST

भोपाल. किसानों की कर्जमाफी के लिए शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं। कैबिनेट से कर्जमाफी की योजना मंजूर होने के बाद सोमवार को कृषि विभाग ने यह निर्देश जारी किए। योजना के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम से राज्य के कोष से राशि किसान के फसल ऋण खाते में जमा कराई जाएगी।

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सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और राष्ट्रीयकृत बैंक से दो लाख रुपए तक का फसल ऋण लेने वाले किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा। योजना का लाभ उन किसानों को दिया जाएगा जिन पर 31 मार्च 2018 तक की स्थिति पर लोन था और 12 दिसंबर 2018 तक जिन्होंने उसे पूरा या आंशिक चुका दिया है।


5 जनवरी को मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में फैसला किया गया कि किसानों का 1 अप्रैल 2007 से 12 दिसंबर 2018 तक का कर्ज माफ किया जाएगा। 26 जनवरी तक तीन तरह के फाॅर्म सभी राष्ट्रीयकृत, सहकारी और ग्रामीण बैंकों में उपलब्ध कराए जाएंगे। 5 फरवरी तक ग्राम पंचायतों में ये फॉर्म बांटे जाएंगे। पहले 31 मार्च 2018 तक का कर्ज माफ करने का ऐलान किया गया था। ताजा फैसले से 35 लाख किसानों को फायदा मिलेगा। हालांकि, आयकर भरने वाले किसानों (जिनके आय के दूसरे स्रोत भी हैं और टैक्स भरते हैं) का कर्ज माफ नहीं होगा।

विकास खंड अधिकारी होंगे जिम्मेदार :इसमें सीमांत और लघु किसानों को शामिल किया गया है। कर्ज माफी योजना पर अमल के लिए विकास खंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिम्मेदार होंगे। 22 फरवरी से ऋण मुक्ति के प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे और किसानों के खाते में पैसा भेजा जाएगा।


बैंकों में लगाई जाएगी कर्जमाफी के पात्र किसानों की सूचियां

किसानों का 1 अप्रैल 2007 से 12 दिसंबर 2018 तक का कर्ज माफ होगा। 26 जनवरी तक गुलाबी, सफेद और हरे रंग के फार्म सभी राष्ट्रीयकृत, सहकारी और ग्रामीण बैंकों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही कर्जमाफी के पात्र किसानों की सूची भी संबंधित बैंक के बाहर लगाई जाएगी। 26 जनवरी से किसानों को तीन अलग-अलग रंगों का फार्म भरना होगा। हरा फॉर्म आधार से लिंक किसानों के लिए होगा। सफेद फॉर्म बिना आधार संख्या वाले किसानों के लिए होगा, लेकिन इन्हें पहचान-पत्र के तौर पर कोई दूसरा दस्तावेज देना होगा। गुलाबी फॉर्म उन किसानों के लिए होगा जिनके पास ना तो आधार है ना ही कोई अन्य पहचान का दस्तावेज। 5 फरवरी तक ग्राम पंचायतों में ये फाॅर्म बांटे जाएंगे। 22 फरवरी से किसानों के खाते में पैसा दिया जाएगा और ऋण मुक्ति के प्रमाणपत्र बांटे जाएंगे। कर्जमाफी में लघु, सीमांत किसानों को प्राथमिकता मिलेगी। 5 फरवरी तक ये फॉर्म पंचायतों में भी बांटे जाएंगे, 22 फरवरी से खातों में जमा की जाएगी रकम, इनकम टैक्स भरने वालों को राहत नहीं।