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भिंड/ हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक हेमंत कटारे की गिरफ्तारी के दिए आदेश, फरियादी को 10 हजार रुपए देने के लिए भी कहा

Dainik Bhaskar | Jan 16, 2019, 10:34 AM IST
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  • एससी-एसटी एक्ट के प्रकरण में कोर्ट ने की कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Jan 16, 2019, 10:34 AM IST

भिंड। एससी-एसटी एक्ट (अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) के एक मामले में हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच ने अटेर के पूर्व विधायक हेमंत कटारे की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। साथ ही इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए याचिकाकर्ता को 10 हजार रुपए की राशि देने का भी आदेश दिया है।

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यहां बता दें कि अटेर थाना में एससी-एसटी एक्ट के दर्ज अपराध क्रमांक 69/2017 में आरोपियों की गिरफ्तारी और अभियोग पत्र पेश करने के मामले में पुलिस की लापरवाही को लेकर पीड़ित पक्ष ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में एक याचिका दायर की थी। इस मामले में उच्च न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए भिंड पुलिस अधीक्षक को आदेश दिया है कि वह फरार आरोपी हेमंत कटारे की गिरफ्तारी करें। साथ ही पीड़ित पक्ष को समुचित सुरक्षा और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मिलने वाले अन्य लाभ दिलाएं। यह सभी कार्रवाई 30 दिन में पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।


पुलिस से वसूले राशि हाईकोर्ट ने इस मामले में माना है कि पुलिस ने इसमें कानून की गंभीर अवहेलना की है। जस्टिस शील नागू ने आदेश में स्पष्ट किया है कि सरकार चाहे तो पीड़ित को दी जाने वाली राशि संबंधित दोषी पुलिस अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से वसूल कर सकती है। पुलिस अधीक्षक को इस मामले में 12 फरवरी को उच्च न्यायालय में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करना है।

क्या है अपराध क्रमांक 69/2017 का मामला : अटेर क्षेत्र के खेरी गांव में कल्याण सिंह जाटव पुत्र ओछेलाल जाटव के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 69/2017 दर्ज किया। वहीं इस घटना कुछ महीनों बाद फिर से भिंड शहर के देहात थाना क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के समीप पीड़ित कल्याण के साथ मारपीट की गई। इसके बाद देहात पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया। इसी मामले में तत्कालीन अटेर एसडीओपी इंद्रवीर सिंह भदौरिया ने जांच के दौरान हेमंत कटारे को भी आरोपी बना दिया था। इसी मामले में बाद में इसी मामले में अटेर एसडीओपी इंद्रवीर सिंह भदौरिया को राज्य शासन ने तत्काल रूप से हटा दिया था।