छतरपुर / 20 साल के युवक ने फंदा लगाकर दे दी जान, सुसाइड नोट में लिखा-कर्ज वसूली के लिए जान से मारने की धमकी से था परेशान

Dainik Bhaskar

Feb 19, 2019, 01:51 PM IST

छतरपुर। ओरछा रोड थाना क्षेत्र में धमौरा गांव के 20 वर्षीय युवक ने रविवार की देर रात करीब 1 बजे अपने घर में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके से एक सुसाइड नोट बरामद किया है। नोट में युवक ने तीन लोगों पर रुपयों के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। मृतक का शव गांव लेकर पहुंचे परिजनों ने आरोपियों पर जल्द कार्रवाई के लिए हाईवे पर जाम लगा दिया। एक घंटे तक जाम लगने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची। छतरपुर एसडीएम और थाना प्रभारी की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन पर परिजनों ने रोड का जाम खोला।

धमौरा गांव में नवल किशोर तिवारी के 20 वर्षीय बेटे संतोष तिवारी ने रात को घर के कमरे में फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रकाश गड़रिया तुरंत मौके पर पहुंचे और मृतक का शव फंसी के फंदे से उतरवाकर पंचनामा तैयार किया। मृतक की जेब से मिला सुसाइड नोट जब्त किया। पुलिस ने जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर द्वारा मृतक का पीएम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। इस मामले में थाना प्रभारी प्रकाश गड़रिया ने बताया कि मौत का मामला दर्ज कर जांच में लिया है।


रुपए नहीं लौटाने पर दी थी गोली मारने की धमकी: मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा है कि परिवार के राजेश तिवारी, विश्वनाथ कॉलोनी का पीठा वाला युवक और नीरज राय मुझसे कहते हैं कि उन लोगों ने मेरे पिता को 1 लाख रुपए दिए थे। अब यह रुपए तुम दो नहीं तो तुम्हे गोली मार देंगे। इस मामले में पिता नवल किशोर तिवारी का कहना है कि उन्होंने कभी किसी से रुपए उधार नहीं लिए। आरोपियों ने उनके बेटे को साजिश के तहत प्रताड़ित किया। इस कारण से वह यह कदम उठाने के लिए मजबूर हुआ।


चार बहनों का इकलौता भाई था: धमौरा गांव के नवल किशोर तिवारी की पांच संतानें हैं, जिनमें से चार बेटियां और एक बेटा था। मृतक से चारों बहने बड़ी हैं, जिनकी शादी परिवार द्वारा कर दी गई है। संतोष घर में इकलौता बेटा होने के साथ पूरे परिवार में छोटा होने के कारण सभी का प्यारा था। नवल ने अपनी चारों बेटियों की शादी बैलगाड़ी से माल ढोने का काम करते हुए कीं। अभी भी वह अपने परिवार का भरण पोषण इसी से कर रहा है।

हाईवे पर शव रखकर लगाया जाम: जिला अस्पताल से युवक का शव ले जाने के बाद परिजन अचानक भड़क गए और रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने दोपहर को साढ़े तीन से शाम पांच बजे के बीच करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाए रखा। इस दौरान धमौरा गांव के दोनों ओर करीब 1-1 किमी तक वाहनों का जाम लगा रहा। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी प्रकाश गड़रिया, सीएसपी आरआर साहू, एसडीएम कमलेश पुरी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। परिजनों ने अधिकारियों से आरोपियों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा जल्द कार्रवाई का आश्वासन देने पर जाम खुला।

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