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अपराध / समझौते के पैसे नहीं देने पर बुजुर्ग को घेरा, जान बचाने डायल 100 में घुसा, पुलिसकर्मी थाने लेकर पहुंचे

  • हमलावरों नेपिक वाहन और बाइक से 8किमी तक किया पीछा, पुलिस नेचार को पकड़ा

Dainik Bhaskar

Apr 19, 2019, 06:30 PM IST

झाबुआ.देवझिरी में अपने रिश्तेदार की अस्थि विसर्जन में गए पीलियाखदान के नानसिंह पिता राणा मेड़ा को उसके बेटे जेवियर के ससुराल वालों ने घेर लिया। दर्जनों लोगों द्वारा हमला करने पर नानसिंह जान बचाने पास खड़ी डायल 100 में घुस गया। इसमें बैठे पुलिस वाले कुछ समझ पाते, तब तक कई लोगों ने पुलिस वैन को घेर लिया। वो नानसिंह को बाहर निकालनेकी मांग करने लगे।

डायल 100 के स्टाफ ने सूझबूझ दिखाई और गाड़ी में कैमरे लगे होना बताकर हमलावरों को दूर किया। फिर ड्राइवर नेतेजी से गाड़ी कोझाबुआकी ओर दौड़ा दिया। हमलावर उनका बाइक से पीछा करने लगे। आधे रास्ते में एक पिकअप वाहन और पीछे लग गया। पुलिसकर्मी डायल 100 को सीधे झाबुआ थाने ले गए और मानसिंह को थाने में सुरक्षित बिठाया। पीछे से दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए।

पुलिस ने इनमें से चार लोगों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया। रास्ते में डायल 100 वालों ने सेट पर सूचना दी तो उसे कवर करने थाने के वाहन के साथ एएसपी और एसडीओपी भी पहुंच गए। दोनों पक्षों में विवाद जेवियर की पत्नी की मौत के बाद पंचायत द्वारा तय साढ़े 6 लाख का मुआवजा नहीं देने को लेकर है।


वायरलेस सेट पर खबर मिली तो एडिशनल एसपी विजय डावर, एसडीओपी इडला मोर्य और कालीदेवी टीआई कुंवरसिंह रावत पहुंच गए। थाने पर नानसिंह को सुरक्षित बिठाया गया और पीछा करने वालों में से चार को पकड़ लिया गया। पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया। पकड़े गए लोगों में सुरती का पिता पूना और उसके तीन बेटे बदिया, दीनू और मोनू हैं। पूना की पत्नी काना को भी हिरासत में लिया गया। एसडीओपी ने बताया, मामला दर्ज कर लिया है।

इसलिए है झगड़ा :गांव गडवाड़ा के पूना पिता दलसिंह की बेटी सूरती की शादी दो साल पहले पीलिया खदान के नानसिंह के बेटे जेवियर से हुई थी। सूरती की 16 सितंबर 2018 को अचानक मौत हो गई। परिवार वालों ने आत्महत्या का आरोप लगाया। कालीदेवी पुलिस ने पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया। इसके अलावा भील पंचायत में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। पूना के अनुसार साढ़े 6 लाख में समझाैता हुआ, लेकिन नानसिंह के परिवार ने एक रुपया नहीं दिया। पुलिस प्रकरण में भी उसे आरोपी नहीं बनाया गया। बेटी की मौत के लिए ससुराल के सभी पक्ष जिम्मेदार हैं। शुक्रवार को नानसिंह अपने एक रिश्तेदार की अस्थि विसर्जन के लिए देवझिरी मंदिर पहुंचा। सूरती के पिता पूना और दूसरे रिश्तेदार यहां पहुंच गए। यहां दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया। पूना और दूसरे लोग नानिसंह को मारने दौड़े तो वो डायल 100 में जाकर छिप गया।

पिता बोले, बेटी की अस्थियां तक नहीं दी :सुरती के पिता पूना दलसिंह ने बताया, बेटी की मौत के बाद अभी तक ससुराल वालों ने उसकी अस्थियां तक विसर्जित नहीं की। उसके पहले पति और ससुर दूसरे व्यक्ति की मौत में बाल देने और अस्थियां देने आ गए। हमने कहा, या तो हमें अस्थियां दे दो या कार्यक्रम करके उन्हें ठंडी कर दो। हमें तो ये भी पता चला है कि उन्होंने अस्थियां फेंक दी। दूसरी ओर नानसिंह का कहना है, मेरा ट्रेक्टर और कल्टीवेटर तक सुरती के पिता ने रख लिया। फिर भी पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

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