कश्मीर / 16 विदेशी राजनयिकों के दौरे का आज दूसरा दिन: जम्मू में सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मुलाकात करेंगे

कश्मीर दौरे पर गए 16 देशों के 16 राजनयिक।

  • सभी राजनयिक गुरुवार को श्रीनगर पहुंचे औरउपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से मुलाकात की
  • राजनयिकों का दल पीडीपी के आठ नेताओं से भी मिला, पीडीपी नेता बाद में पार्टी से निकाले गए
  • कांग्रेस ने राजनयिकों से मुलाकात करने वाले अपने दो नेताओं को कारण बताओ नोटिस भेजा

Dainik Bhaskar

Jan 10, 2020, 08:55 AM IST

श्रीनगर. भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर 15 अन्य देशों के राजनयिकों के साथ गुरुवार को श्रीनगर पहुंचे और कश्मीर के हालात का जायजा लिया। सभी राजनयिकों का आज दूसरे दिन जम्मू में सिविल सोसाइटी के सदस्यों से मिलने का कार्यक्रम है। वेदोपहर 12 बजे जगत माइग्रेंट कैंप का दौरा करेंगे और वहांरह रहे कश्मीरी पंडितों से भी मुलाकात करेंगे।दो दिवसीय कश्मीर दौरे के दौरान कल पहले दिन दल को 15 कॉर्प्स हेडक्वार्टर ले जाया गया। यहां सेना के अधिकारियों ने कश्मीर के हालात के बारे में जानकारी दी। सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों के अलावा दल ने वरिष्ठ राजनीतिज्ञ अल्ताफ बुखारी से भी मुलाकात की। इस दौरान, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 8 नेताओं ने भी राजनयिकों से मुलाकात की और राज्य के हालात के बारे में बताया।

राजनयिकों के दल से नेताओं की मुलाकात पर पीडीपी नेदिलावर मीर, रफी अहमद मीर, जफर इकबाल, कमर हुसैन, जावेद बेग, अब मजीब पाडरू, रजा मंजूर और रहीम राठेर को पार्टी से निकाल दिया। अमेरिका के अलावा दल में वियतनाम, बांग्लादेश, मालदीव, दक्षिण कोरिया, टोगो, फिजी, नॉर्वे, अर्जेंटीना, मोरक्को, नाइजीरिया, फिलीपींस, नाइजर, पेरू, गुयाना और जाम्बिया के राजनयिक मौजूद थे। सैन्य अधिकारियों ने इस दल को नियंत्रण रेखा के पास सुरक्षा के हालात की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने सिविल सोसाइटी के सदस्यों और कुछ पत्रकारों से भी मुलाकात की।

यूरोपियन यूनियन का आरोप- यह दौरा गाइडेड टूर की तरह
सरकार ने यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधियों को भी न्योता दिया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे गाइडेड टूर के पक्ष में नहीं हैं और बाद में वहां जाएंगे। ईयू के प्रतिनिधि अपनी मर्जी से चुने गए लोगों से मिलना चाहते थे। वे तीन पूर्व मुख्यमंत्रियोंफारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती से भी मुलाकात करना चाहते थे। ये सभी 5 अगस्त को राज्य का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से ही नजरबंद हैं।

राजनयिकों के दौरे को निर्देशित कहना निराधार- विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने राज्य के हालात सामान्य बनाने के लिए क्या कोशिशें कीं, यह बताने के लिए राजनयिकों के दल को कश्मीर भेजा गया है। इस दौरे को निर्देशित कहना निराधार है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इसी तरह का अगला दौरा भी करवाया जा सकता है और इसमें यूरोपियन यूनियन के सदस्यों को भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि दौरे पर गया मौजूदा दल सुरक्षा अधिकारियों, राजनेताओं, सिविल सोसाइटी ग्रुप्स और मीडिया से मुलाकात कर रहा है। मौजूदा हालात को देखते हुए ही इस दौरे का कार्यक्रम बनाया गया।

कांग्रेस ने अपने दो नेताओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया

कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने अपने दो नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जम्मू-कश्मीर कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि पार्टी के दो नेता विदेशी प्रतिनिधिमंडल से मिले हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने न पार्टी को इसकी जानकारी दी और न ही अनुमति मांगी। पार्टी के नेताओं को प्रतिनिधिमंडल से मिलने का कोई आधिकारिक निमंत्रण नहीं मिला था। पार्टी ने जिसे नोटिस भेजा उनमें एक पूर्व विधायक और पार्टी के जम्मू-कश्मीर इकाई के महासचिव शामिल हैं।

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