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कश्मीर/ आतंकियों ने 3 पुलिसकर्मियों की हत्या की, विरोध में भारत ने पाक के साथ मुलाकात रद्द की

शहीद साथियों को अंतिम विदाई देेते पुलिस जवान।

  • भारत-पाक विदेश मंत्रियों की इसी महीने यूएन में मुलाकात होनी थी
  • मंगलवार को एक बीएसएफ जवान का पाक सैनिकों ने गला रेत दिया था
  • इसके बाद हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीर के लोगों को धमकी दी- सरकारी नौकरी छोड़ो या मरो 
  • इसी के बाद तीन पुलिस जवानों को अगवा किया गया
     

Dainik Bhaskar | Sep 21, 2018, 06:42 PM IST

श्रीनगर. दक्षिण कश्मीर के शोपियां में आतंकियों ने शुक्रवार को तीन पुलिसकर्मियों को अगवा कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि गांव के लोगों ने आतंकियों का पीछा किया और जवानों को नहीं मारने की अपील की, लेकिन आतंकी नहीं माने। इस घटना के बाद भारत ने इसी महीने न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी की सुषमा स्वराज के साथ होने वाली बैठक को रद्द करने का ऐलान किया। यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान होनी थी।

आतंकियों ने कॉन्स्टेबल के भाई को अगवा किया, बाद में छोड़ दिया

  1. पुलिसकर्मियों की पहचान कॉन्सेटबल नासिर अहमद और दो स्पेशल पुलिस ऑफिसर फिरदौस अहमद और कुलवंत सिंह के तौर पर हुई है। नासिर अहमद सशस्त्र पुलिस में काम करता था। फिरदौस रेलवे में था। कुलवंत सिंह कुलगाम में पदस्थ था। 

  2. पिछले दिनों आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन ने पुलिसकर्मियों को सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने या मरने के लिए तैयार रहने की धमकी दी थी। हिजबुल के धमकीभरे पोस्टर जम्मू-कश्मीर के कई गांव में लगाए गए थे। सोशल मीडिया पर भी इस तरह के मैसेज भेजे थे।

  3. इससे पहले, मंगलवार को सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में बीएसएफ जवान नरेंद्र सिंह (51) को पाकिस्तानी सैनिकों ने 9 घंटे तड़पाया था। उनका शव बेहद खराब हालत में मिला था। गला रेता गया था। एक टांग कटी हुई था। आंख निकाल ली गई थीं और पीठ पर करंट लगाने से झुलसने के निशान थे।

  4. इन दोनों घटनाओं के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ मुलाकात रद्द कर दी। यह मुलाकात न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी के बीच होनी थी। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के आग्रह पर यह बैठक तय की गई थी।

  5. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘‘पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही उनका चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। जाहिर है कि नई शुरुआत करने के लिए बातचीत की पेशकश रखने के पीछे पाकिस्तान का बदनीयत भरा एजेंडा था।’’

  6. कुमार ने कहा, ‘‘विदेश मंत्रियों की मुलाकात तय होने के बाद दो विचलित कर देने वाली घटनाएं सामने आईं। पहली- कश्मीर में जवानों की हत्या और दूसरी आतंकियों का महिमामंडित करते हुए पाकिस्तान द्वारा उनके डाक टिकट जारी करना।’’

     

     

  7. इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन जवानों की हत्या के बाद छह पुलिसकर्मियों के इस्तीफा देने की खबरें भी सामने आईं। इस पर गृह मंत्रालय ने कहा कि कश्मीर में 30 हजार से ज्यादा स्पेशल पुलिस अफसर हैं। जिनकी सेवाएं रिन्यू नहीं हुईं, वे इस्तीफा देने की बात कहकर झूठ फैला रहे हैं। 

  8. आतंकियों ने अगस्त में कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से पुलिसकर्मियों के 11 परिजन को अगवा किया था। तब ऐसा कहा गया था कि इन 11 लोगों को छुड़ाने के लिए प्रशासन को पूछताछ के लिए लाए गए आतंकियों के मददगारों और परिजन को छोड़ना पड़ा था।

  9. हुर्रियत (एम) के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक को शुक्रवार सुबह घर में नजरबंद कर दिया गया। हुर्रियत के प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस मीरवाइज के घर आई और उन्हें हिरासत में ले लिया।

शोपियां में शहीद पुलिसकर्मी निसार अहमद, फिरदौस अहमद और कुलदीप सिंह को श्रद्धांजलि दी गई।
आखिरी विदा के वक्त गम में परिजन।
शहीद पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय में आखिरी सलामी दी गई।
शोपियां में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे जवान।
शहीद पुलिसकर्मियों में दो एसपीओ और एक जवान है।
गांव के लोगों ने आतंकियों से पुलिसकर्मियों को छोड़ देने की अपील की थी।
पुलिसकर्मियों के शव गांव के लोग लेकर आए।
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