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राजनीति/ शाह ने कहा- हम असम को दूसरा कश्मीर नहीं बनने देंगे, एनआरसी इसलिए लाए

Dainik Bhaskar | Feb 17, 2019, 05:07 PM IST
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

  • अमित शाह ने कहा- पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे
  • उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की रक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने वाले

Dainik Bhaskar

Feb 17, 2019, 05:07 PM IST

लखीमपुर. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को असम के लखीमपुर में चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) बिल पर कहा कि हम असम को देश का दूसरा कश्मीर नहीं बनने देना चाहते हैं। यही कारण है कि मोदी सरकार एनआरसी लाई है। भाजपा सरकार ने घुसपैठ को रोकने का काम किया।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा,'जो लोग एनआरसी का विरोध कर रहे थे, उन्हें जनता ने स्थानीय चुनाव में बुरी तरह हराया है।' शाह ने कहा, 'चाहे पूर्वोत्तर राज्य हों या कश्मीर भाजपा ने आतंकवाद कापूरी तरह सफायाकरने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही देश के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिनमें आतंक के खिलाफ लड़ने की इच्छाशक्ति सबसे ज्यादा है।'

आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देंगे- शाह

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में शहीद 40 सीआरपीएफ जवानों को याद करते हुए शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, 'जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, क्योंकि केंद्र में भाजपा की सरकार है, न कि कांग्रेस की। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की रक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने वाले। हमारी सरकार आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देगी।'

असम के शहीद जवान मानेश्वर को याद किया
पुलवामा हमले में शहीद हुए असम के जवान मानेश्वर को याद करते हुए अमित शाह ने कहा, 'देश और असम उनके इस बलिदान को भुला नहीं पाएगा। पाकिस्तान द्वारा की गई कायरता पूर्ण हरकत मैं हमारे 40 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए हैं। भाजपा सरकार उनकी इस कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने देगी।'

शाह ने पूछा- असम समझौते का क्या हुआ?
अमित शाह ने कहा, 1985 में असम समझौता होने के बाद 10 साल तक असम गण परिषद (एजीपी) की सरकार रही। 25 साल कांग्रेस ने राज किया। 20 साल केन्द्र में कांग्रेस रही, लेकिन असम समझौते का क्या हुआ?' भाजपा नेता ने कहा, 'इतने साल शासन करने के बावजूद इन पार्टियों ने असम में नतो घुसपैठ को रोका और न ही एनआरसी लेकर आईं।'