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अमृतसर हादसा/ दशहरा के आयोजक ने कहा- 10 बार लोगों से ट्रैक से हटने की अपील की, मेरा क्या कसूर?

हादसे में मारे गए बेटे के अंतिम संस्कार के दौरान चिता के पास लेट गया पिता।

  • अमृतसर के जौड़ा फाटक के पास 19 अक्टूबर को ट्रेन हादसे में 59 लोगों की जान गई थी
  • ड्राइवर ने कहा था- ट्रेन रोकने की कोशिश की, रफ्तार कम होते ही लोगों ने पथराव कर दिया

Dainik Bhaskar

Oct 22, 2018, 10:12 PM IST

अमृतसर. दशहरा आयोजन के दौरान हुए ट्रेन हादसे के बाद सोमवार को कार्यक्रम के आयोजक का वीडियो सामने आया। सौरभ मदान मिट्ठू ने पंजाबी में जारी किए इस वीडियो में कहा कि कार्यक्रम के लिए सभी विभागों से इजाजत ली थी। मिट्ठू ने कहा- ट्रैक पर खड़े लोगों को हटाने के लिए 10 बार अनाउंसमेंट करवाया था। इसमें मेरा क्या कसूर? जौड़ा फाटक के पास बीते शुक्रवार को दशहरा समारोह के दौरान ट्रैक पर खड़े लोगों को दो तेज रफ्तार ट्रेनों ने कुचल दिया था। इस हादसे में 59 लोगों की मौत हो गई थी।

 

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मैंने कोई कसर नहीं छोड़ी थी- आयोजक
मिट्ठू ने कहा- मैं बता नहीं सकता कि मेरा क्या हाल है। दशहरा कार्यक्रम मनाने का मकसद सभी लोगों को इकट्ठा करना था। मैंने अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी थी। लोग लाइनों पर खड़े थे। अचानक ट्रेन आई और किसी को कुछ पता नहीं लगा। ये कुदरत की वजह से हो गया। इसमें किसी का क्या कसूर है।

 

 

आयोजकों, नवजोत के खिलाफ बिहार में केस

बिहार की अदालत में अमृतसर में दशहरा के आयोजक, नवजोत कौर के खिलाफ केस दाखिल किया गया है। हालांकि, पंजाब के कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ और त्रिप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने सिद्धू का बचाव करते हुए कहा कि गलती रेलवे की है। उधर, इजरायल दौरे पर गए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकािरयों से हालात का जायजा लिया। 

 

मानवाधिकार आयोग ने कहा- ये अधिकारियों की लापरवाही 
मानवाधिकार आयोग ने रेलवे और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। आयोग ने कहा कि लोगों के ट्रैक पर बैठने को समझदारीभरा कदम नहीं कहा जा सकता है, लेकिन जिला प्रशासन की भी लापरवाही साफ है, जिसकी वजह से इतनी खौफनाक घटना सामने आई। रेलवे ने कहा कि 2015 से 2017 के बीच 50 हजार लोगों ने रेलवे ट्रैक पर जान गंवाई, लेकिन एक घटना में इतनी बड़ी तादाद में मौतें होने का ये अपने आप में पहला मामला है। रेलवे और पंजाब के मुख्य सचिव से इस संबंध में आयोग ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

 

पीड़ित परिवारों को गोद लेंगे सिद्धू दंपत्ति
पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू और उनकी पत्नी नवजोत ने ट्रेन हादसे के सभी पीड़ित परिवारों को गोद लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को सरकार मदद कर रही है। इसके बावजूद वह इन परिवारों को बच्चों की शिक्षा, रोजगार और हर तरह की मदद अपने खर्च पर करेंगे।

 

ड्राइवर ने कहा- ब्रेक लगाए थे, पथराव हुआ तो गाड़ी बढ़ा दी थी
ड्राइवर अरविंद ने लिखित बयान दिया था- शुक्रवार शाम को जालंधर सिटी से चलने के बाद जब गाड़ी जौड़ा फाटक के नजदीक पहुंची तो गाड़ी की दोनों साइड की येलो लाइट जली थीं और ट्रेन धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। जब भीड़ ट्रैक पर आ गई तो इमरजेंसी ब्रेक लगाए थे, लेकिन भीड़ ने मुझ पर और ट्रेन पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद मजबूरन गाड़ी को आगे बढ़ाना पड़ा। अमृतसर स्टेशन पर पहुंचकर अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दे दी थी।

 

रविवार को शुरू हुई रेल सेवा
हादसे के बाद से यह रेलवे ट्रैक बंद था। रविवार को लोगों ने रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन किया। उन्हें हटाने पहुंची पुलिस और अर्धसैनिक बलों पर पथराव कर दिया। इसमें एक कमांडो और एक मीडियाकर्मी जख्मी हो गया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। 43 घंटे बाद रविवार को भारी सुरक्षा के बीच रेल सेवा शुरू हुई।

दशहरा कार्यक्रम का आयोजक सौरभ मदान मिट्ठू।
रविवार को लोगों के प्रदर्शन के बाद भारी सुरक्षा के बीच शुरू हुई रेल सेवा।
हादसे के बाद इस तरह बिखरीं थीं ट्रैक पर लाशें।
लोगों ने आयोजकों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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