- एपल के शेयर में 3% तेजी आने से मार्केट कैप 1.01 लाख करोड़ डॉलर हुआ, माइक्रोसॉफ्ट का 1.04 लाख करोड़
- एपल अगस्त 2018 में पहली बार 1 लाख करोड़ डॉलर पर पहुंची, शेयर गिरने से नवंबर में नीचे आ गई थी
Dainik Bhaskar
Sep 12, 2019, 05:31 PM ISTबिजनेस डेस्क. एपल के शेयर में बुधवार को 3% तेजी आने से कंपनी का मार्केट कैप 3,100 करोड़ डॉलर बढ़कर 1.01 लाख करोड़ डॉलर (72 लाख करोड़ रुपए) हो गया। एपल पिछले साल अगस्त में पहली बार 1 लाख करोड़ डॉलर (एक ट्रिलियन डॉलर) पर पहुंची थी। लेकिन, शेयर में गिरावट की वजह से नवंबर में नीचे आ गई। यानी 10 महीने बाद एपल फिर से ट्रिलियन डॉलर कंपनी बन गई। हालांकि, माइक्रोसॉफ्ट से अभी भी 3,000 करोड़ डॉलर पीछे है। माइक्रोसॉफ्ट का मार्केट कैप 1.04 लाख करोड़ डॉलर है। वह दुनिया की सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली कंपनी है।
किसी कंपनी का मार्केट कैप उसके शेयर की कीमत और शेयर संख्या को गुणा करके निकाला जाता है। इसलिए शेयर में उतार-चढ़ाव के साथ मार्केट कैप में कमी-बढ़ोतरी होती रहती है।
एपल के शेयर में तेजी की वजह क्या?
कंपनी ने मंगलवार को नया आईफोन, एपल वॉच और आईपैड लॉन्च किए थे। आईफोन एक्सआर के मुकाबले 50 डॉलर सस्ता आईफोन 11 भी पेश किया। एनालिस्ट के मुताबिक आईफोन 11 की सर्विसेज उसे बेहतर बनाएंगी। इससे कंपनी की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।
मार्केट कैप में दुनिया की 3 बड़ी कंपनियां
| कंपनी | मार्केट कैप (रुपए) |
| माइक्रोसॉफ्ट | 74 लाख करोड़ |
| एपल | 72 लाख करोड़ |
| अमेजन | 64 लाख करोड़ |
1 ट्रिलियन डॉलर तक अब तक कितनीकंपनियां पहुंचीं?
| कंपनी | पहली बार कब पहुंची |
| पेट्रो चाइना | 2007 |
| एपल | 2018 |
| अमेजन | 2018 |
| माइक्रोसॉफ्ट | 2019 |
एपल का मार्केट कैप भारतीय कंपनी टीसीएस से 9 गुना
भारत में इस वक्त टीसीएस मार्केट कैप में पहले नंबर पर है। कंपनी का वैल्यूएशन 7.97 लाख करोड़ रुपए है। रिलायंस इंडस्ट्रीज 7.76 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ दूसरे नंबर पर है।