कश्मीर / पीओके को भारत में शामिल करने के लिए सेना तैयार, इस पर फैसला सरकार लेगी: सेना प्रमुख

एलओसी से पीओके की हलचल का जायजा लेते सेना प्रमुख। -फाइल

  • केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था- जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्से को भारत में शामिल करना अगला एजेंडा
  • अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सेना प्रमुख ने 31 अगस्त को पहली बार कश्मीर का दौरा किया था
  • पाक सेना प्रमुख ने कहा था-कश्मीर हमारी दुखती रग, किसी जंग में जान देने से नहीं हिचकेंगे

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 04:10 PM IST

नई दिल्ली.सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर बड़ा बयान दिया। गुरुवार को उन्होंने कहा कि अगला एजेंडा पीओके को फिर से हासिल करना और इसे भारत का हिस्सा बनाना है। ऐसे मुद्दों पर सरकार ही फैसला लेती है। देश की सभी संस्थाएं सरकार के आदेश के अनुसार काम करेंगी। सेना हमेशा तैयार है।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा था, ‘'सरकार का अगला एजेंडा जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्से (पाक के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके) को भारत में शामिल करना है। ये केवल मेरी या पार्टी की प्रतिबद्धता नहीं है। यह रेजोल्यूशन तो 1994 में संसद में पीवी नरसिम्हाराव की सरकार के वक्त पास किया गया था।’’

कश्मीर के लिए आखिरी गोली तक लड़ेंगे:पाक आर्मी चीफ
6 सितंबर को पाकिस्तान के आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा ने कहा था कि कश्मीर हमारी दुखती रग है। अपने कश्मीरी भाई-बहनों के लिए आखिरी गोली और सैनिक तक लड़ेंगे। कश्मीरी जनता भारत की हिंदूवादी सरकार और वहां की सेना के जुल्मों का शिकार हो रही है। घाटी में भारत समर्थित आतंकवाद है। हमारा अंतिम लक्ष्य शांतिपूर्ण और मजबूत पाकिस्तान बनाना है। हमारी सेनाएं इस बात की तस्दीक कराती हैं कि किसी भी जंग और आतंकवाद के खात्मे के लिए जान देने से नहीं हिचकेंगे।

सेना प्रमुख रावत पिछले महीने कश्मीर दौरे पर गए थे

जम्मू-कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद से जनरल बिपिन रावत 31 अगस्त को पहली बार कश्मीर दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने नॉर्दर्न कमांड के व्हाइट नाइट कॉर्प्स की फॉरवर्ड पोस्ट का दौरा किया था। दूरबीन की मदद से एलओसी के उस पार की गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने जवानों से सीमा पार किसी भी तरह की घुसपैठ से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। इस दौरान उनके साथ नॉर्दर्न कमांड के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे।

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