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राजस्थान में सियासी घमासान:विधानसभा से मिले नोटिस के खिलाफ सचिन समेत 19 विधायकों की याचिका डिविजनल बैंच को रेफर की गई, अब कल होगी सुनवाई

जयपुर23 दिन पहले
सचिन पायलट समेत 19 विधायकों को नोटिस का जवाब 3 दिन में देना था।
  • मामले की पैरवी के लिए सचिन पायलट के वकील मुकुल रोहतगी ऑनलाइट जुड़े
  • गौरतलब है कि बुधवार को सचिन पायलट और 18 विधायकों के खिलाफ विधानसभा स्पीकर ने नोटिस जारी किया था
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राजस्थान सियासत क घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। सचिन पायलट और 18 विधायकों द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट में विधानसभा की ओर से जारी किए गए नोटिस को चुनौती दी गई। जिसमें शाम को 5 बजे संशोधत याचिका पर दूसरी बार सुनवाई हुई। जिसे डिविजनल बैंच को ट्रांसफर कर दिया गया है। अब डिविजल बैंच में शुक्रवार को दिन में 1 बजे सुनवाई की जाएगी। 

ऐसे चला पूरा घटनाक्रम

  • गुरुवार सुबह करीब 12 बजे सचिन पायलट समेत 19 विधायकों ने विधानसभा के नोटिस के खिलाफ राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 
  • दिन में 3 बजे पहली सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई को अमेंडमेंट की कॉपी नहीं होने पर 15 मिनट में ही टाल दिया गया था।
  • जिसके बाद करीब 4.15 बजे पायलट गुट के वकीलों द्वारा फिर संशोधित याचिका लगाई गई।
  • शाम 5 बजे संशोधित याचिका पर सुनवाई हुई। जिसके बाद मामला डिविजनल बैंच को ट्रांसफर कर दिया गया।
  • जिसके बाद डिविजनल बैंच में पहले शाम 7.30 बजे सुनवाई का वक्त किया गया। जिसके 8 बचे तक बढ़ा दिया गया। अब शुक्रवार को दिन में 1 बजे सुनवाई का वक्त निर्धारित किया गया है।

जानकारी अनुसार, हरीश साल्वे पायलट गुट की तरफ से पैरवी कर रहे हैं। वहीं, राजस्थान स्पीकर की तरफ से अभिषेक मनु सिंधवी शामिल रहे हैं। दिन में 3 बजे हुई सुनवाई में सिंधवी ने कहा था कि अमेंडमेंट की कॉपी अब तक पेश नहीं हुई है। जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई थी। जिसके बाद याचिका संशोधित कर दायर की गई थी। 

मामले की पैरवी के लिए सचिन पायलट के वकील मुकुल रोहतगी ऑनलाइन जुड़े। वहीं, हरीश साल्वे ने भी दिल्ली से ऑनलाइन पैरवी की। वहीं, विधानसभा स्पीकर की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े।  गौरतलब है कि बुधवार को सचिन पायलट और 18 विधायकों के खिलाफ विधानसभा स्पीकर ने नोटिस जारी किया था। जिसमें उन्हे तीन दिन के अंदर अपना जवाब पेश करना था। 

पिटीशन मेरी मुझे ही पार्टी नहीं बनाया- मुख्य सचेतक

मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि पिटीशन मेरी और मुझे ही पार्टी नहीं बनाया गया। इससे साफ होता है कि उनके पास ठोस आधार नहीं है। उन्होंने जो याचिका लगाई उसमें कह रहे हैं कि कुछ संशोधन करना है। पहली बात हरीश साल्वे जैसे बड़े वकील के यहां से याचिका आई है। वो भी पूरी नहीं, जिससे साबित होता है कि बिना तैयारी के आनन-फानन में ये कोशिश की है। अदालत ने कहा है कि आप नए तरीके से याचिका दायर कीजिए। सभी चीजें नए सिरे से तय करेंगे। आज सुनवाई होगी या नहीं होगी, ये सब चीजें तय करेंगे।  

सरकार द्वार कैवियट दायर की गई

वहीं, याचिका के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष और राजस्थान सरकार द्वारा कैवियट दायर की गई है। याचिका की सुनवाई के दौरान कैवियट पर भी पक्ष सुना जाएगा। 

इन 19 विधायकों ने हाइकोर्ट में दायर की याचिका।

इन विधायकों को नोटिस दिया गया
सचिन पायलट, रमेश मीणा, इंद्राज गुर्जर, गजराज खटाना, राकेश पारीक, मुरारी मीणा, पीआर मीणा, सुरेश मोदी, भंवर लाल शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, हरीश मीणा, बृजेन्द्र ओला, हेमाराम चौधरी, विश्वेन्द्र सिंह, अमर सिंह, दीपेंद्र सिंह और गजेंद्र शक्तावत। 

डर पैदा होने पर ऐसे कदम उठा रहे बागी- खाचरियावास
राजस्थान सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खासचरियावास बोले- राजस्थान ने कांग्रेस को वोट देकर जिताया है। अब कांग्रेस के निशान पर जीते लोग भाजपा में जाकर शपथ लेना चाहते हैं। बागी विधायकों को जयपुर में रहकर अपनी बात कहनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि विधानसभा नियम और कायदों से चलती है। डर पैदा होने के बाद अब बागी ऐसे कदम उठा रहे हैं। उन्हे पार्टी का व्हिप मानना पड़ेगा। विपष सरकार गिराने में जुटा हुआ है। 

'हम मुख्यमंत्री के काम से सहमत नहीं' 

इससे पहले बागी हुए विधायकों ने देर रात अपना बयान जारी किया। जिसमें विधायक रमेश मीणा ने कहा, 'सीएम ने जो स्टेटमेंट दिया है। वह अनुचित है। लोग उनकी कार्यशैली से और उनके कामकाज से असंतुष्ट हैं। राजस्थान में ब्यूरोक्रेसी हावी है। जनप्रतिनिधियों के काम नहीं हो रहे। हमने जो मांगे रखीं, उन पर सीएम ने ध्यान नहीं दिया।'

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