सम्मान / पाक पर भारत की कूटनीतिक जीत, मोदी को पिछले पांच सालों में मुस्लिम देशों से मिले छह बड़े अवॉर्ड

अबु धाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जाएद अल नाह्यं ने मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ जाएद’ प्रदान किए

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘इनोवेटिव फॉरेन पॉलिसी’ से भारत के मुस्लिम देशों के साथ बेहतर संबंध बने हैं
  • मोदी को यूएई से‘ऑर्डर ऑफ जाएद’ और बहरीन से‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ अवॉर्ड दिया गया

Dainik Bhaskar

Aug 25, 2019, 04:06 PM IST

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जाएद’ और रविवार को बहरीन के‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें पिछले पांच साल से अधिक समय में मुस्लिम देशों सेछह बड़े सम्मान हासिल हो चुकेहैं। मोदी को दिया गया यह सम्मान यह दर्शाता है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को अलग-थलग करनेमें सफल रहा है और भारत का मुस्लिम देशों के साथ संबंध अपने ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि मुस्लिम देशों से मोदी को मिल रही स्वीकार्यता पाकिस्तान को कड़ा तमाचा है और यह दर्शाता है कि पाकिस्तान पर भारत लगातार कूटनीतिक जीत हासिल करता रहा है।अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी किए जाने के बाद से पाकिस्तान भारत के इस कदम को अंतरराष्ट्रीय मंच पर जोर-शोर से उठाता रहा है लेकिन उसे सफलता नहीं मिलरही है।

पाकिस्तान को पता है कि नया भारत विश्व के साथ तालमेल बैठा रहा है

सूत्रों ने कहा, “पाकिस्तान अब यह महसूस करता है कि नया भारत विश्व के साथ बेहतर तालमेल बैठा रहा है और आतंकवाद पर लगाम लगाने में काफी हद तक सफल रहा है।” प्रधानमंत्री मोदी को मिले इन अवॉर्ड्स में बहरीन के ‘द किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां’, यूएई के ‘ऑर्डर ऑफ जाएद’, फिलीस्तीन के ‘ग्रांड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलीस्तीन’, अफगानिस्तान के ‘आमीर अमनुल्लाह खान अवॉर्ड’, सऊदी अरब के ‘किंग अब्दुल्लाजीज साशअवॉर्ड’ और मालदीव के ‘रूल ऑफ निशान इजुद्देनोन’ शामिल है।

मोदी की व्यक्तिगत कूटनीति से मिली भारत को सफलता: अधिकारी

अधिकारियों का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘इनोवेटिव फॉरेन पॉलिसी’ से भारत के मुस्लिम देशों के साथ बेहतर संबंध बने हैं जो इससे पहले कभी नहीं रहे। अधिकारियों का कहना था, “प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत कूटनीतिक पहुंच के कारण भारत को इन देशों में अधिक सफलता मिली है। इसके कारण भारत ने इन देशों से पर्याप्त निवेश हासिल किया, हज कोटा में वृद्धि की गई और पश्चिम एशिया से कई कैदियों की रिहाई सुनिश्चित हो पाई।

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