जेट का संकट / बैंक कर्मचारियों ने कहा- सरकार एयरलाइन का अधिग्रहण करे, बैंकों पर कर्ज का दबाव न बनाए

जेट के कर्मचारी भी कर चुके हैं सरकार से मदद की अपील।

  • बैंक कर्मचारियों के संगठन ने प्रधानमंत्री को चिट्‌ठी लिखी
  • कहा- जेट को निवेशक ना मिले तो सरकार अधिग्रहण करे
  • 17 अप्रैल से अस्थाई तौर पर बंद है जेट एयरवेज का संचालन

Dainik Bhaskar

Apr 20, 2019, 08:36 AM IST

नई दिल्ली/मुंबई. जेट एयरवेज के 20,000 कर्मचारियों की मदद के लिए बैंककर्मियों का संगठन आगे आया है। उसने सरकार से एयरलाइन का अधिग्रहण करने का आग्रह किया है, ताकि जेट के कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहे। लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि बैंकों पर एयरलाइन को कर्ज देने के लिए दबाव नहीं डाला जाना चाहिए।

जेट को बेचना या चलाना प्रमोटर नरेश गोयल का सिरदर्द: बैंक कर्मचारी

  1. ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि बैंकों ने एयरलाइन का इन्वेस्टर तलाशने के लिए नीलामी शुरू की है। नीलामी सफल नहीं होती है तो सरकार इसका अधिग्रहण करे। एसोसिएशन का कहना है कि एयरलाइन को उबारने के लिए हर व्यक्ति बैंकों की तरफ देख रहा है। लेकिन नरेश गोयल अब भी इसके प्रमोटर हैं। उनके पास एयरलाइन की 51% हिस्सेदारी है। इसलिए कंपनी चलाना या बेचना उनका सिरदर्द है। बैंकों पर और कर्ज देने के लिए दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए।

  2. जेट के मैनेजमेंट ने बुधवार को ऑपरेशन अस्थायी तौर पर बंद करने की घोषणा की थी। इससे पहले मंगलवार को बैंकों ने एयरलाइन को 400 करोड़ रुपए का इमरजेंसी फंड देने से मना कर दिया था। जेट पर बैंकों का पहले से 8,500 करोड़ रुपए का कर्ज है।

  3. जेट के मैनेजमेंट की देरी से स्थिति बिगड़ी: रिपोर्ट

    बैंकिंग सेक्टर के सूत्रों का कहना है कि जेट की मौजूदा हालत के लिए बैंकों को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। बैंक अधिकारी नौ महीने से जेट के मैनेजमेंट के साथ बातचीत कर रहे थे और उनसे ठोस प्लान मांग रहे थे। दुर्भाग्यवश प्रमोटर नरेश गोयल और मैनेजमेंट ने फैसला लेने में काफी देरी की। गोयल ने 25 मार्च को चेयरमैन पद और बोर्ड से इस्तीफा तो दे दिया, लेकिन हिस्सेदारी बेचने के समझौते पर अप्रैल के दूसरे हफ्ते में हस्ताक्षर किए। तब तक ज्यादातर उड़ानें बंद हो चुकी थीं।

  4. जेट एयरवेज के विमानों को लीज पर देना चाहते हैं बैंक

    जेट की उड़ानें बंद होने के बाद बैंकों को यह डर है कि नीलामी में शायद ज्यादा बोली न मिले। इसलिए वे जेट के एसेट को सुरक्षित रखने की कोशिश में हैं। वे 16 विमान दूसरी एयरलाइंस को किराए पर देना चाहते हैं। इससे मेंटेनेंस और आमदनी होगी। वे जेट के एयरपोर्ट स्लॉट सुरक्षित रखने के लिए भी अथॉरिटी से बात कर रहे हैं। जेट के 10 बड़े विमानों में एअर इंडिया और दूसरी एयरलाइंस ने रुचि दिखाई है। एअर इंडिया के सीएमडी अश्वनी लोहानी ने एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार को 5 बड़े विमान लीज पर लेने के बारे में लिखा है। एअर इंडिया इन्हें लंदन, दुबई और सिंगापुर रूट पर चलाना चाहती है। लोहानी ने शुक्रवार को रजनीश कुमार से मुलाकात भी की।

  5. दिसंबर 2018 में जेट एयरवेज के पास 124 विमान थे  16 विमान जेट के अपने थे, बाकी लीज पर ले रखे थे  16 विमानों में 10 बड़े बोइंग 777-300 हैं

  6. नहीं बदला जेट के बोर्ड का ढांचा

    गोयल के इस्तीफे के बाद भी बोर्ड का ढांचा नहीं बदला है। माना जा रहा था कि जेट के कर्ज को इक्विटी में बदलने से नए प्रमोटर रुचि दिखाएंगे। पूर्व एसबीआई चेयरमैन एके पुरवार को नया चेयरमैन बनाना भी तय हुआ था। पर तकनीकी कारणों से अभी तक उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी है।

  7. स्पाइसजेट ने जेट के 500 कर्मियों को नौकरी दी

    सस्ते किराए वाली एयरलाइन स्पाइसजेट ने अस्थायी रूप से बंद हो चुकी जेट एयरवेज के 500 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी दी है। इनमें 100 पायलट भी शामिल हैं। स्पाइसजेट के सीएमडी अजय सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम 100 से अधिक पायलट, 200 से ज्यादा केबिन-क्रू और 200 से अधिक टेक्निकल व एयरपोर्ट स्टाफ को नौकरी दे चुके हैं।

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