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भोपाल का वॉन्टेड:प्यारे मियां 35 साल पहले 400 रुपए महीने की नौकरी करता था, राजनीतिक संपर्क बढ़ाए और करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया

भोपाल22 दिन पहले
प्यारे मियां बच्चियों के माता-पिता का भरोसा जीतने के लिए उनके घरों में होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में भी जाता था। (फाइल फोटो)
  • प्यारे मियां जिन नाबालिग से खुद को 'अब्बू' कहलवाता था, उनसे ही करता था रेप, विधानसभा की जमीन पर भी कब्जा किए था
  • प्यारे लड़कियों के घर भी जाता था और उनके माता-पिता का भरोसा जीतने के लिए घरों में होने वाले पूजा-पाठ में शामिल होता था
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नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी प्यारे मियां को भोपाल पुलिस कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार कर ले आई है। प्यारे के बारे में बताया जाता है कि करीब 35 साल पहले वह 400 रुपए महीने की नौकरी करता था। धीरे-धीरे उसने राजनीतिक लोगों से संपर्क बढ़ाने शुरू कर दिए और पत्रकार बन गया। बुधवारा स्थित हाथी खाने में उसने सरकारी आवास आवंटित करा लिया। यहां उसने कई मकानों पर कब्जा कर लिया। इस बीच, जिला प्रशासन ने इसी इलाके में उसके दो अवैध निर्माण तुड़वा दिए। साल 2002 में मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उससे काफी जद्दोजहद के बाद अपना एक वीआईपी परिसर खाली करवाया था।

प्यारे लगभग 5 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने विधायक विश्राम गृह के दो भवनों में रह रहा था। कई बार नोटिस मिलने के बावजूद खाली नहीं कर रहा था। यह परिसर उसे तत्कालीन राज्य सरकार द्वारा साल 1990 में एक वर्कशॉप संचालित करने के लिए अस्थाई रूप से आवंटित किया गया था। लेकिन उसने इस भवन को अपना आलीशान घर बना लिया था। सबसे पहले उसने यहां एक अंग्रेजी अखबार के दफ्तर का बोर्ड लगाया। बाद में दैनिक ‘अफकार’ नाम के अखबार का बोर्ड टांग लिया। यहां उसकी दो पत्नियां और उनके बच्चे रहते थे।

नाबालिगों से खुद को अब्बू कहलवाता था, ताकि किसी को शक न हो
प्यारे जिन नाबालिग से दुष्कर्म करता था, उनसे खुद को 'अब्बू' (पिता) कहलवाता था। इसकी वजह भी थी। ऐसा इसलिए करता था, ताकि किसी को शक न हो। प्यारे लड़कियों के घर भी जाता था और लड़कियों के माता-पिता का भरोसा जीतने के लिए उनके घरों में होने वाले पूजा-पाठ में शामिल होने पहुंचता था।

नोटिस के जवाब में अदालत की शरण
विधानसभा सचिवालय ने जब प्यारे मियां को परिसर खाली करने का नोटिस भेजा तो उसने अदालत की शरण ली। हालांकि, अदालत ने उसकी याचिका को खारिज करते हुए परिसर खाली करने का आदेश दिया। लेकिन सत्ता शीर्ष तक पहुंच की वजह से सचिवालय को यह परिसर खाली कराने में काफी वक्त लग गया।

आवास खाली कराया तो 40 पेटी शराब मिली थी
आखिरकार तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष और सदस्य सुविधा शाखा ने मामले को गंभीरता से लिया। विधानसभा के सुरक्षा विभाग (मार्शल) और पुलिस के साझा ऑपरेशन से परिसर को खाली करवाया गया। इस दौरान परिसर से लगभग 40 पेटी विदेशी शराब और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए थे। परिसर खाली करवाने की यह कार्रवाई सुबह 5 बजे अंजाम दी गई थी। जिस परिसर पर प्यारे ने पत्रकार और अखबार के नाम पर कब्जा किया था, वो वीआईपी क्षेत्र की बेशकीमती सरकारी जमीन है। यह भोपाल के मुख्य बाजार न्यू मार्केट, राजभवन, बिड़ला मंदिर, विधानसभा और मंत्रालय के बीचोंबीच स्थित है।

प्यारे के अवैध निर्माण गिराए गए
पुलिस जांच में प्यारे की करोड़ों की संपत्तियां होना पाया। अब तक उसके दो शादी हॉल, दो फ्लैट और तीन मंजिला एक बिल्डिंग गिरा दिए गए हैं। यहां अवैध निर्माण पाए गए। इसके अलावा, राजधानी में श्यामला हिल्स, तलैया, कोहेफिजा, शाहपुरा, ऐशबाग और इंदौर में कुछ प्रॉपर्टी होने की जानकारी मिली है। ऐशबाग स्टेडियम के पास भी प्यारे के एक अन्य शादी हॉल को तोड़ा जा रहा है। 

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