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वित्त मंत्रालय ने पहली बार आयकर, अन्य टैक्सों में बदलाव के लिए इंडस्ट्री से सुझाव मांगे

9 महीने पहले
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण।
  • सर्कुलर जारी कर इंडस्ट्री, व्यापारिक संगठनों से 21 नवंबर तक राय देने को कहा
  • मंत्रालय हर साल बजट से पहले इंडस्ट्री के लोगों के साथ बैठकें करता है
  • वित्त मंत्री 2020-21 का आम बजट अगले साल 1 फरवरी को पेश करेंगी
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नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय ने अगले बजट में इनकम टैक्स, कॉर्पोरेट टैक्स, अप्रत्यक्ष कर, एक्साइज और कस्टम ड्यूटी में बदलाव के लिए इंडस्ट्री और व्यापारिक संगठनों से सुझाव मांगे हैं। मंत्रालय हर साल बजट से पहले इंडस्ट्री के लोगों के साथ मीटिंग कर उनकी राय जानता है, लेकिन संभवतया पहली बार टैक्स में बदलाव के सुझाव मांगने का सर्कुलर जारी किया है। ग्यारह नवंबर के सर्कुलर में कहा गया है कि करों में बदलाव और टैक्स बेस बढ़ाने के लिए 21 नवंबर तक तर्कसंगत राय दें।
 

सरकार ने सितंबर में कॉर्पोरेट टैक्स घटाया था
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2020-21 का आम बजट अगले साल 1 फरवरी को पेश करेंगी। इस साल 5 जुलाई को उन्होंने पहली बार बजट पेश किया था। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बजट के बाद भी कई ऐलान किए गए। इनमें कॉर्पोरेट टैक्स 30% से घटाकर 22% करना काफी अहम था। सीतारमण ने 20 सितंबर को इसकी घोषणा की थी।
 
अप्रैल-जून में जीडीपी ग्रोथ 5% रह गई। यह 6 साल में सबसे कम है। आर्थिक विकास दर को बढ़ाने के लिए अब व्यक्तिगत आयकर घटाने की मांग भी उठ रही है। सरकार ने सुझाव मांगने के लिए जारी किए सर्कुलर में कहा है कि प्रत्यक्ष कर (इनकम टैक्स) के संबंध में प्रस्ताव भेजने से पहले कॉर्पोरेट टैक्स घटाने के फैसले को ध्यान में रखें, जिसमें शर्त रखी गई कि टैक्स कटौती का फायदा लेने के लिए दूसरी रियायतें छोड़नी होंगी। साथ ही स्पष्ट किया कि जीएसटी से मुद्दे बजट की तैयारी का हिस्सा नहीं हैं, उनके लिए जीएसटी काउंसिल है।

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