देश का ऐसा उम्मीदवार, जिसके पास है 1.76 लाख करोड़ रुपए नकद और वर्ल्ड बैंक का 4 लाख करोड़ का कर्ज

 चुनाव में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना पड़ता है।

DainikBhaskar.com

Apr 04, 2019, 07:36 PM IST

नेशनल डेस्क, पेरंबूर। चुनाव में हिस्सा लेने वाले उम्मीदवार को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना पड़ता है। ऐसे में तमिलनाडु के एक उम्मीदवार ने पेरंबूर सीट से उपचुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं। जे जेबमणि जनता पार्टी के मोहनराज ने अपने हलफनामे में खुद पर 1.76 लाख करोड़ रुपए की नकदी होने और वर्ल्ड बैंक का चार लाख करोड़ रुपए का कर्ज बताया है। खास बात ये है कि इस हलफनामे को चुनाव आयोग ने स्वीकार भी कर लिया है।

लेकिन क्या है असल वजह
- मोहनराज की इस संपत्ति की जानकारी सुर्खियों में आ गई है। लेकिन बता दें कि हलफनामे में उन्होंने अपनी संपत्ति से जुड़ी सारी जानकारी गलत दर्शाई है। दरअसल, जे जेबमणि मोहनराज ने तमिलनाडु सरकार पर व्यंग्य करते हुए ये हलफनामा भरा था। उन्होंने ये आंकड़े 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले और तमिलनाडु सरकार के कर्ज बोझ के अनुमानित मूल्य पर लिया है।
- चुनाव आयोग की वेबसाइट पर इस हलफनामे की एक प्रति अपलोड की गई है। अगर इन आंकड़ों पर यकीन किया जाए तो वह पूरे देश में सबसे अमीर उम्मीदवार होते। मोहनराज से जब पूछा गया कि उन्होंने गलत घोषणा क्यों की तो उन्होंने आरोप लगाया कि 2जी घोटाले की जांच सही से नहीं हुई थी और इस पहलू की तरफ ध्यान दिलाने के लिए उन्होंने यह प्रयास किया था।

चुनाव आयोग पर उठे सवाल
- मोहनराज की आेर से चुनाव आयोग को गलत जानकारी देने के बाद लोग चुनाव आयोग पर ही सवाल उठा रहे हैं। लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर चुनाव आयोग ने इसे स्वीकार कैसे किया। विवाद बढ़ता देख चुनाव आयोग ने कहा कि उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में सभी दस्तावेज देता है। कानून के तहत नामांकन पर निर्णय लेने का अधिकार रिटर्निंग ऑफिसर के पास होता है। उसे जानकारी की सत्यता में जाने की आवश्यकता भी नहीं होती है।

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