साक्षात्कार / उत्तर प्रदेश का चुनावी गणित ठीक करने के लिए कांग्रेस को महागठबंधन से बाहर रखा-अखिलेश

  • सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा-राहुल गांधी का वे बहुत सम्मान करते हैं
  • चुनावों के बाद कांग्रेस से समझौते पर विचार कर सकते हैं-अखिलेश

Dainik Bhaskar

Jan 22, 2019, 02:07 PM IST

कोलकाता. समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश का चुनावी गणित ठीक करने के लिए सपा-बसपा गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा गया है। भाजपा को हराने के लिए यह फैसला जरूरी था। उनका कहना था कि राहुल गांधी के लिए उनके दिल में बहुत सम्मान है, लेकिन कांग्रेस को महागठबंधन में शामिल करने का फैसला चुनाव के बाद के हालात देखकर लिया जाएगा।

‘उत्तर प्रदेश की सीटों को हटा दें तो मोदी सरकार अल्पमत में’

  1. अखिलेश का कहना था कि उत्तरप्रदेश की सीटों को हटा दें तो मोदी सरकार अल्पमत में आ जाएगी। इस अंकगणित को देखते हुए उन्होंने बसपा से गठबंधन किया। उनका कहा था कि अपने कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में जमकर विकास कार्य कराए थे पर चुनावी गणित बिगड़ने से वो 2017 का विधानसभा चुनाव हार गए। अखिलेश का सवाल था कि क्या दूसरों को खुश करने के लिए सीटें हारनी चाहिए? 

  2. उत्तरप्रदेश में लोकसभा की कुल 80 सीटें हैं। सपा-बसपा ने फैसला लिया है कि दोनों दल 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। दो सीटें राष्ट्रीय लोकदल को मिली हैं, जबकि अमेठी और रायबरेली कांग्रेस को दी गई हैं। इसके बाद कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। अखिलेश का कहना था कि ये कांग्रेस का अपना निर्णय है। महागठबंधन का मुख्य मकसद भाजपा को हराना है।  

  3. ‘अमेठी, रायबरेली में नहीं उतारेंगे अपने उम्मीदवार’

    अखिलेश का कहना है कि कांग्रेस के उत्तरप्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद भी वो अमेठी, रायबरेली सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। उनका कहना था कि कांग्रेस को दो सीटें देने से सपा-बसपा के वोट शेयर पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस के साथ उनके अच्छे संबंध हैं, लेकिन यह एक अलग मुद्दा है। इसका चुनावी गणित से सरोकार नहीं है। 

  4. अखिलेश का कहना था कि उन्हें यकीन है कि कोलकाता में आयोजित रैली में आए सभी क्षेत्रीय दल चुनाव बाद भी एक साथ रहेंगे। उस सवाल को सपा प्रमुख टाल गए, जिसमें उनसे पूछा गया था कि प्रधानमंत्री पद के लिए वो ममता बनर्जी और मायावती में से किसे बेहतर मानते हैं। उनका जवाब था कि इन मसलों पर चुनाव बाद चर्चा हो सकती है। अभी वो इतना ही कहेंगे कि देश को नए प्रधानमंत्री की जरूरत है।  

  5. अखिलेश यादव का कहना था कि अगला देश का प्रधानमंत्री उत्तरप्रदेश से बनता है तो उन्हें बेहद खुशी होगी। अभी तक ये धारणा है कि जो नेता प्रधानमंत्री बनना चाहता है वो उत्तरप्रदेश से चुनाव लड़ता है या फिर राज्य में सबसे ज्यादा सीटें जीतने की कोशिश करता है।

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