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लंदन/ साइबर एक्सपर्ट का दावा- 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के जरिए धांधली हुई थी

Dainik Bhaskar | Jan 21, 2019, 11:02 PM IST
लंदन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान साइबर एक्सपर्ट।
-- पूरी ख़बर पढ़ें --

  • इस एक्सपर्ट ने लंदन में जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया, उसमें कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद थे
  • एक्सपर्ट ने कहा- भाजपा के अलावा सपा, बसपा, आप और कांग्रेस भी ईवीएम से छेड़छाड़ में शामिल
  • चुनाव आयोग ने दावों को खारिज किया, कहा- ईवीएम कभी हैक नहीं हो सकती
  • भाजपा ने कहा- यह कांग्रेस का हैकिंग हॉरर शो, वह हार के बहाने ढूंढ रही

लंदन. एक भारतीय साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के जरिए धांधली की गई थी। उसका दावा है कि अगर उसकी टीम ने हैकिंग की कोशिशें नहीं रोकी होतीं तो भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव आसानी से जीत जाती। इस एक्सपर्ट ने लंदन में जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, उसमें कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। एक्सपर्ट ने कई दावे किए, लेकिन किसी भी दावे की पुष्टि के लिए वह सबूत नहीं दे पाया। साइबर एक्सपर्ट के इस दावे को चुनाव आयोग ने नकार दिया है। आयोग ने कहा है कि ईवीएम ‘फुलप्रूफ’ हैं और हम गलत दावे करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बारे में सोच रहे हैं।
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अमेरिका से राजनीतिक शरण मांग रहा एक्सपर्ट

  1. लंदन में सोमवार को यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इंडियन जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन यूरोप की तरफ से कराई गई थी। इसे साइबर एक्सपर्ट सैयद शुजा ने स्काइप के जरिए संबोधित किया और ईवीएम हैकिंग के दावे किए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उसका मुंह ढंका हुआ था। शुजा अमेरिका में है और वहां राजनीतिक शरण मांग रहा है।

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  2. शुजा ने दावा किया, ‘‘2014 के आम चुनाव में रिलायंस जियाे ने भाजपा की मदद की थी ताकि पार्टी को ईवीएम हैक करने के लिए लो फ्रीक्वेंसी सिग्नल मिल सकें। भाजपा ने मिलिट्री ग्रेड फ्रीक्वेंसी ट्रांसमिट करने वाले एक मॉड्यूलेटर का इस्तेमाल कर ईवीएम्स हैक की थीं। मैं 2014 के चुनाव में इस्तेमाल हुईं वोटिंग मशीनों को डिजाइन करने वाली टीम में था। हमारी टीम को इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की तरफ से यह पता लगाने के निर्देश दिए गए थे कि ईवीएम कैसे हैक की जा सकती है।’’

  3. साइबर एक्सपर्ट ने आरोप लगाया, ‘‘उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और दिल्ली के चुनाव नतीजों में गड़बड़ी की गई थी। भाजपा ने इसी तरह की कोशिशें राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भी की थीं। अगर हमारी टीम ने इन कोशिशों को नहीं पकड़ा होता तो तीनों राज्यों में भाजपा जीत जाती। 2015 में भी हमने भाजपा की कोशिशों को इंटरसेप्ट किया, इसलिए आम आदमी पार्टी को 70 में से 67 सीटें मिलीं।’’

  4. शुजा ने यह भी दावा किया कि उसे 2014 में भारत छोड़कर इसलिए भागना पड़ा क्योंकि उसकी टीम के कुछ सदस्यों की हत्या हुई थी। उस पर हमला हुआ था। इससे वह डर गया था। वह इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की टीम का सदस्य था। यही कंपनी ईवीएम बनाती है। वह 2009 से 2014 के बीच इसी कंपनी में काम करता था। उसने कहा कि भाजपा के अलावा सपा, बसपा, आप और कांग्रेस भी ईवीएम से छेड़छाड़ करने में शामिल हैं।

  5. शुजा ने कहा, ‘‘2014 में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री गोपीनाथ मुंडे की हत्या इसलिए की गई क्योंकि वे ईवीएम में हैकिंग की बात जानते थे। एनआईए अफसर तंजील अहमद मुंडे की हत्या की एफआईआर दर्ज कराने वाले थे, इसलिए उन्हें भी मार दिया गया।’’ मुंडे की 2014 में दिल्ली में एक सड़क हादसे में मौत हुई थी।

  6. एक्सपर्ट के आरोपों को चुनाव आयोग ने नकारा

    चुनाव आयोग ने कहा कि ईवीएम ‘फुलप्रूफ’ हैं और यह बात बार-बार साबित की जा चुकी है। वोटिंग मशीनों को कड़ी निगरानी और सुरक्षा में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड बनाता है। हम इस पर विचार कर रहे हैं कि गलत दावे करने वाले एक्सपर्ट के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

  7. ममता ने कहा- चुनाव आयोग के सामने यह मसला उठाएंगे

    ममता बनर्जी ने कहा कि हमारे महान लोकतंत्र को बचाया जाना चाहिए। हर वोट कीमती है। सभी विपक्षी दलों ने ईवीएम के बारे में चर्चा की है। हमने 19 जनवरी को ही फैसला कर लिया था कि इस मामले को चुनाव आयोग के सामने उठाएंगे।

  8. केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस का हैकिंग हॉरर शो है। जिस प्रेस काॅन्फ्रेंस में ये दावे किए गए, उसमें कपिल सिब्बल की मौजूदगी इत्तेफाक की बात नहीं है। उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी मां सोनिया गांधी ने ही कांग्रेस के डाकिए के तौर पर वहां भेजा होगा। वह 2019 के चुनाव में अपनी हार के डर से अभी से बहाने ढूंढ रही है।