हरियाणा / स्कॉलरशिप नहीं मिलने पर पिता ने नहीं हारी हिम्मत, सुमित को कोचिंग दिला बनाया इंटरनेशनल खिलाड़ी

सुमित नागल।-फाइल

  • टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल के पिता सरेश ने भास्कर के साथ सांझा किया टेनिस का सफर
  • कहा- पढ़ाई ही नहीं अब खेलों में भी है कॅरियर, बच्चों को एक उम्र के बाद उसकी रुचि के मुताबिक पढ़ाएं

Dainik Bhaskar

Sep 02, 2019, 09:26 AM IST

झज्जर (प्रमोद सैनी). भारत के जिस टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने हाल ही में यूएस ओपन में वर्ल्ड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर को चौंकाने का करिश्मा किया, उसका अपने ही पैतृक जिलेमें स्कॉलरशिप का फॉर्म नहीं भरा जा सका था। स्कॉलरशिप नहीं मिलने पर इनके फौजी पिता ने दिल्ली में सुमित कोएक से एक बेहतर कोच से कोचिंग कराई। अब उसे इस मुकाम पर पहुंचा दिया है। 22 साल के नागल मूलरूप से झज्जर के हैं। वर्तमान में इनका परिवार दिल्ली में रहता है। सुमित नांगल पर महेश भूपति की नजर पड़ी और उन्होंने नागल को अपनी एकेडमी में टेनिस के गुर सीखने का मौका दिया। वर्तमान में नागल को जर्मनी में टेनिस की ट्रेनिंग ले रहा है, लेकिन इनके पिता को सुमित के इस मुकाम तक पहुंचने का पूरा संघर्ष याद है।दैनिक भास्कर ने सुमित के पिता सुरेश नागल से बातचीत की।


सुरेश नागल का कहना है कि उनके अपने बेटे में प्रतिभा नजर आ रही थी। यही कारण है कि वह स्कॉलरशिप का फार्म जमा न होने पर भी निराश नहीं हुए। सुमित को बेहतर तैयारी का माहौल दिया। पिता कहते हैंकि सुमित ने टेनिस में खेलना शुरू कर दिया था। 15 साल पहले झज्जर के एक खेल अधिकारी से मिल सुमित का स्कॉलरशिप का फार्म जमा करने का अनुरोध किया, लेकिन वह उस समय हैरान हो गए जब खेल अधिकारी ने उनसे सवाल किया कि आखिर यह टेनिस क्या होता है।

पिता ने कहा- मुसीबतें आईं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी

स्काॅलरशिप के लिए आवेदन तक नहीं हो सका। इसके बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। वह बेटे को लेकर दिल्ली गए। जहां अच्छे कोच की तलाश हुई। इसके लिए वह सुमित को नांगलोई से पश्चिम विहार स्टेडियम में लेकर जाते रहे। जहां कहीं भी उनको बेहतर कोच होने की जानकारी मिलती, सुमित को वहीं से ट्रेनिंग दिल आने लगे। इसका परिणाम यही रहा कि सुमित ने हाल ही में यूनिस ओपन में वर्ल्ड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी को चौंकाने का करिश्मा किया है। पिता को पूरी उम्मीद है कि आगामी खोलों में एक दिन सुमित टेनिस का चैंपियन बनकर रहेगा।

पिता बोले- रुचि के मुताबिक बच्चों को करना चाहिए काम
सुमित नागल के पिता सुरेश ने बताया कि अभिभावक पढ़ाई की तरफ ही बच्चे का अधिक फोकस करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। यदि कोई बेहतर खिलाड़ी बनता है, तब उसमें वह कॅरियर बना सकता है। माता-पिता को बच्चों की रुचि के मुताबिक ही पढ़ाई या फिर खेलों में डालना चाहिए। उन्होंने सरकार से उम्मीद जताई कि खेलों के क्षेत्र में बेहतर कोच की मदद से क्षेत्र के युवा आगे देश का नाम रोशन कर सकते हैं। प्रदेश के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है।

कृषि मंत्री ने टेनिस खिलाड़ी सुमित को सम्मानित किया, फेडरर को दी थी चुनौती
भारत के युवा टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने यूएस ओपन में वर्ल्ड के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी रोजर फेडरर को चौंकाने का करिश्मा किया था। 20 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके फेडरर को नागल ने पहले सेट में चुनौती दी, लेकिन फेडरर ने इसके बाद शानदार वापसी की। उन्होंने इसके बाद लगातार दो सेट 6-1, 6-2, 6-4 से जीत लिया है। सुरेश नांगल को कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने अपने पैतृक गांव ढाकला में बुलाकर सम्मानित भी किया।

Share
Next Story

भारत को समर्थन / यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्य ने कहा- अनुच्छेद 370 हटाना कश्मीर से आतंकवाद खत्म करने में मददगार

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News