मनी लॉन्ड्रिंग / 300 बैग लेकर विदेश में मीटिंग करने कौन जाता है? माल्या के वकील के दावे पर ईडी का सवाल

यूके की अदालत ने माल्या के प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है।

  • वकील ने विशेष अदालत में कहा था- माल्या देश छोड़कर भागे नहीं थे, मीटिंग में गए थे
  • ईडी ने कहा कि तीन गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद माल्या जांच में शामिल नहीं हुआ

Dainik Bhaskar

Dec 12, 2018, 08:12 PM IST

मुंबई. शराब कारोबारी विजय माल्या के वकील ने बुधवार को मनी लॉन्ड्रिंग केस में सुनवाई के दौरान विशेष अदालत में कहा कि माल्या देश छोड़कर भागे नहीं थे। वकील अमित देसाई ने विशेष न्यायाधीश एएस आजमी से कहा- जैसा कि ईडी दावा करती है कि मेरे मुवक्किल (माल्या) चुपचाप देश छोड़कर भागे थे। ऐसा नहीं है। वह मार्च 2016 में जेनेवा स्थित एक बैठक में हिस्सा लेने गए थे, जो पहले से तय थी। इस पर ईडी के वकील डीएन सिंह ने सवाल किया कि 300 बैग लेकर विदेश में बैठक करने कौन जाता है?

9000 करोड़ रुपए के बैंकों के कर्ज के मामलों में माल्या सीबीआई और ईडी द्वारा लगाए आरोपों का सामना कर रहा है। माल्या मार्च 2016 में विदेश चला गया था। अभी वह ब्रिटेन में है, जहां की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है। अब ब्रिटिश सरकार को इस फैसले पर अपनी मुहर लगाना बाकी है। ईडी ने अदालत से अपील की थी कि माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून (एफईओए) के तहत भगोड़ा घोषित किया जाए।

भारत लौटना ही नहीं चाहता माल्या- ईडी

  1. ईडी के वकील सिंह ने कहा- उनके पास (माल्या) ऐसा कुछ नहीं है, जिससे यह साबित होता हो कि माल्या ने देश बैठक में शामिल होने के लिए छोड़ा था। बड़े विमान में 300 बैग के साथ बैठक में शामिल होने कौन जाता है?

  2. सिंह ने एक और दावे पर जवाब दिया- माल्या को भगोड़ा घोषित करने की अर्जी विशेष अदालत में तब लगाई गई, जब उसे वापस लाने की सभी कोशिशें नाकाम हो गईं। तीन नॉन बेलेबल वारंट जारी होने के बावजूद उसने अपने खिलाफ होने वाली जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया। प्रत्यर्पण प्रक्रिया इस बात का सबूत है कि वह वापस लौटना नहीं चाहता।

  3. उन्होंने कहा, वह इसलिए लड़ रहा है ताकि उसे भारत ना लाया जाए। वह कह रहा है कि भारत में उस पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। जहां उसे रखा जाना है, उन जेलों को उसने खराब बताया। कारागार का वीडियो यूके की अदालत को भेजा गया, जिससे कोर्ट संतुष्ट है।

  4. माल्या के वकील देसाई ने एफईओए को क्रूर बताया। इस पर सिंह ने कहा कि यह क्रूर कानून नहीं है। यह केवल एक कानून है, जिसके तहत लगाए गए आरोपों की जांच और सुनवाई का सामना करने के लिए आरोपी को भारत वापस लाया जाता है।

  5. सिंह ने कहा- माल्या के वकील ने इस सुनवाई के दौरान भारत वापसी को लेकर कुछ भी नहीं कहा। प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के बावजूद माल्या के वकील यह नहीं बता रहे हैं कि वह कब और कैसे वापस आएगा।

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