राजस्थान / कोटा की कई कॉलोनियों में 10 फीट तक मकान डूबे, प्रदेश के 5 बांध ओवरफ्लो; 5 जिलों में बाढ़

  • राजस्थान के 810 बांधों में से 388 लबालब
  • जयपुर में रविवार को सवा 2 इंच पानी बरसा, कोटा में देर रात 2 बजे तक भारी बारिश हुई
  • कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ में बाढ़ से हालात बिगड़े, सेना-एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला

Dainik Bhaskar

Sep 16, 2019, 03:11 PM IST

जयपुर.राजस्थान में भारी बारिश का दौर जारी है। यहां नदी-नाले उफान पर हैं। राज्य के 5 बड़े बांधकोटा बैराज, राणाप्रताप सागर, जवाहर सागर और माही बजाज के सभी गेट खोलने पड़े हैं। बीसलपुर बांध के भी 18 में से पहली बार 17 गेट खोले गए। कोटा, बारां, बूंदी, चित्तौड़गढ, झालावाड़ में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। यहां सेना-एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला। बारां, झालावाड़ में सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे। जयपुर में सोमवार को करीब सवा दो इंच बारिश हुई।

कोटा:कोटा में पानी चंबल नदी से करीब 100 फीट ऊपर बने मकानों की तरफ बढ़ रहा है। शहर के कई इलाकों में पानी 8 से 10 फीट तक पहुंच गया है। प्रशासन का कहना है कि सोमवार को भी बाढ़ के हालात बने रहेंगे। उधर, चंबल के पास संजय कॉलोनी में पानी बढ़ने पर एक परिवार के दो मासूम फंस गए। कांस्टेबल राकेश मीणा ट्‌यूब के सहारे 7-8 फीट गहरे पानी में कूदे और दोनों को सुरक्षित निकाल लिया।

चित्तौड़गढ़ : चित्तौड़गढ़ का बेगूं कस्बा टापू बना है। कस्बे के सभी मार्ग बंद हो गए हैं।बेगूं में इस सीजन में 1747 मिमी बारिश हो चुकी है। इतनी बारिश गत 50 साल में भी नहीं हुई। चित्तौड़गढ़ के मऊपुरा आदर्श विद्या मंदिर स्कूल के 350 बच्चे और 50 शिक्षक-स्टाफ शनिवार से फंसे हुए हैं। उन्हें स्थानीय लोग भोजन-पानी मुहैया करा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि वे सुरक्षित हैं। एनडीआरएफ की टीम उन्हें निकालेगी।
बूंदी :बूंदी के बसोली में गुढ़ा बांध के रविवार को 4 गेट 6 फीट तक खोले गए। 12 गांवों में हाईअलर्ट है।
झालावाड़ :झालावाड़ के चौमहला, गंगधार, रायपुर क्षेत्र में घरों में पानी भरा। सेना के 70 जवानों ने चौमहला क्षेत्र में मोर्चा संभाला।
बारां :बारां में पार्वती, कालीसिंध और परवन नदी के उफान पर रहने से कई कस्बों से संपर्क कटा। पलायथा और सीसवाली कस्बे की निचली बस्तियों में पानी घुसा। प्रशासन ने घर छोड़ने को कहा।

मुख्यमंत्री गहलोतआज हवाई दौरा करेंगे
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाढ़ प्रभावित जिलों के कर्मचारियों के अवकाश निरस्त किए गए हैं। गहलोत ने मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ से भी बात की और आशा जताई कि दोनों राज्य बचाव कार्यों में कमी नहीं आने देंगे। गहलोत सोमवार को बूंदी, कोटा, झालावाड़ और धौलपुर के बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करेंगे।

प्रदेश में 42% ज्यादा बारिश

बारिश होनी थी 508.50 मिमी
अब तक हो चुकी 722.28 मिमी
पिछले साल हुई थी 493.75 मिमी


जयपुर में 26% ज्यादा बारिश

बारिश होनी थी 506.60 मिमी
हो चुकी 640.28 मिमी

पिछले साल हुई थी

488.17 मिमी


पहली बार बीसलपुर के 18 में से 17 गेट और 13 साल बाद कोटा बैराज के सभी गेट खुले

बांध कुल गेट खुले
राणाप्रताप सागर 17 17
कोटा बैराज 19 19
जवाहर सागर 11 11
माही बजाज 16 16
बीसलपुर बांध 18 17

*बीसलपुर के 17 गेट दो घंटे के लिए खोले गए। अब 10 गेट खुले हैं। प्रदेश के 810 बांधों में से 388 लबालब, 257 में आवक जारी।

मध्यप्रदेश में बारिश से राजस्थान में मुश्किल

  • मध्यप्रदेश में हो रही लगातार बारिश के चलते 13 साल बाद कोटा बैराज के सभी 19 गेट खोलने पड़े। कोटा बैराज से रविवार को 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, इससे चंबल किनारे बसी निचली बस्तियां जलमग्न हो गई। सेना, एनडीआरएफ और नगर निगम की टीमों ने करीब 500 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
  • भारी बारिश के चलते गांधीसागर का अधिकतम जलस्तर 1312 की तुलना में 1318 फीट को पार कर गया। इससे मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान में भी कई इलाकों में बाढ़ के हालात बने हैं। रविवार को केंद्र सरकार ने समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी बांध की स्थिति की जानकारी ली और बांध को हाईअलर्ट पर रखने का निर्देश दिया।

Share
Next Story

राम जन्मभूमि विवाद / अब अयोध्या वार्ता कमेटी मध्यस्थता करेगी, इसमें हिंदू-मुस्लिम नेता शामिल होंगे

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News

Recommended News