नीरव मोदी केस / जांच अफसर का ट्रांसफर करने पर मुंबई ईडी के स्पेशल डायरेक्टर हटाए गए

  • विनीत अग्रवाल ईडी निदेशक की शक्तियों और सरकारी कार्यवाही में दखलअंदाजी के दोषी पाए गए
  • 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं अग्रवाल, कार्यकाल भी 3 साल कम किया गया

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 08:09 AM IST

मुंबई. सरकार ने मुंबई में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के स्पेशल डायरेक्टर विनीत अग्रवाल को हटा दिया है। उन्हें भगोड़े नीरव मोदी मामले की जांच कर रहे अधिकारी का तबादला करने के मामले में हटाया गया है। अग्रवाल का कार्यकाल भी 3 साल कम किया गया है। अग्रवाल महाराष्ट्र कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके गृहराज्य भेज दिया गया है।

विशेष निदेशक का 4 राज्यों पर होता है नियंत्रण

  1. अफसरों के मुताबिक- केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति से मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को आदेश जारी किया। इसके बाद दिल्ली स्थित ईडी मुख्यालय ने अग्रवाल को विशेष निदेशक पद से कार्यमुक्त करने का ऑर्डर जारी किया। मुंबई में ईडी का विशेष निदेशक पश्चिमी क्षेत्र का प्रमुख होता है। इसका महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पर नियंत्रण होता है।

  2. अब मुंबई के स्पेशल डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार चेन्नई में तैनात विशेष निदेशक को सौंपा गया है। अग्रवाल को 5 साल के लिए ईडी में जनवरी 2017 में प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर भेजा गया था। उनका नाम उस समय चर्चा में आया जब 29 मार्च को उन्होंने संयुक्त निदेशक सत्यव्रत कुमार को नीरव मोदी जांच मामले में कार्यमुक्त करने का आदेश जारी किया।

  3. अग्रवाल के आदेश के चलते विवाद पैदा हो गया था। इसके कुछ घंटे बाद ही ईडी निदेशक संजय कुमार मिश्रा ने एक नया आदेश जारी कर अग्रवाल के ऑर्डर को रद्द किया था। एक अहम मामले में इस तरह की कार्रवाई से एजेंसी को शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा था। ईडी ने इसकी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेजी थी। अग्रवाल को ईडी निदेशक की शक्तियों और सरकारी कार्यवाही में दखलअंदाजी का दोषी पाया गया।

  4. अफसरों के मुताबिक- स्पेशल डायरेक्टर को केवल सहायक निदेशक स्तर तक के अफसर के तबादले या उसका चार्ज बदलने का अधिकार होता है। संयुक्त निदेशक, सहायक निदेशक से ऊपर  का पद है। इस पद पर बैठे अफसर के ट्रांसफर का अधिकार ईडी निदेशक के पास ही होता है। 29 मार्च को घटना को लेकर बेवजह विवाद पैदा हुआ। इसके चलते नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया कुछ हुई।

  5. 13,700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी (48) को मार्च को लंदन में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जांच कर रहे हैं। नीरव और उसके मामा मेहुल चौकसी के खिलाफ मुंबई की विशेष अदालत में भी मामला चल रहा है।

  6. 72 करोड़ रुपए के अपार्टमेंट में रह रहा नीरव 

    टेलीग्राफ के मुताबिक, नीरव लंदन के वेस्ट एंड इलाके में 72 करोड़ रुपए के अपार्टमेंट में रह रहा है। इसके लिए हर महीने 15.5 लाख रुपए किराया चुका रहा है। वह हीरे का बिजनेस भी कर रहा है।

  7. प्रवर्तन निदेशालय प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएलएए) के तहत नीरव की 1,873.08 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच कर चुका है। नीरव और परिवार से जुड़ी 489.75 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त भी की जा चुकी है।

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