श्रीनगर से ग्राउंड रिपोर्ट / 16 देशों के राजनयिक आर्मी मुख्यालय जाने के अलावा होटल में ही रहे, इस बार शिकारे पर घुमाने जैसे इंतजाम नहीं

अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अमेरिका समेत 16 देशों के राजनयिक कश्मीर दौरे पर पहुंचे हैं।

  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में केंद्र सरकार की तरफ से विदेशी राजनयिकों का पहला दौरा
  • पिछले साल अक्टूबर में ईयू के प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर का दौरा किया था, लेकिन वह एक एनजीओ के जरिए हुआ था
  • ईयू के प्रतिनिधियों का कहना था कि इस बार का दौरा गाइडेड टूर जैसा है, विदेश मंत्रालय ने कहा- आलोचना बेबुनियाद

श्रीनगर से इकबाल

Jan 09, 2020, 08:02 PM IST
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर से 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद सरकार पहली बार अमेरिका समेत 16 देशों के राजनयिकों को राज्य का दौरा करा रही है। पिछले साल अक्टूबर में यूरोपीय संसद के 23 सदस्यों ने घाटी का दौरा किया था। यह दौरा एक एनजीओ की पहल पर हुआ था और यूरोपियन यूनियन (ईयू) का आधिकारिक दौरा नहीं था। इस बार पूरा कार्यक्रम सरकार ने तय किया है। हालांकि, ईयू इसे 'गाइडेड टूर' बता रहा है, जबकि सरकार इस आरोप से इनकार कर रही है।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का दौरा कर रहे राजनयिक अमेरिका, वियतनाम, दक्षिण कोरिया, उज्बेकिस्तान, गुआना, नाइजीरिया, नाइजर, अर्जेंटीना, फिलिपीन्स, नॉर्वे, मोरक्को, मालदीव, फिजी, टोटो, बांग्लादेश और पेरू से हैं। अक्टूबर में जब यूरोपीय संसद के सदस्यों ने श्रीनगर का दौरा किया था, तब वे शिकारे पर भी घूमे थे। हालांकि, इस बार इस तरह के कोई इंतजाम नहीं हैं। विदेशी राजनयिकों के अनुरोध पर यह दौरा सिर्फ इसलिए कराया जा रहा है ताकि वे सुरक्षा हालात का जायजा ले सकें और राजनीतिक दलों की राय जान सकें। शुक्रवार को ये राजनयिक जम्मू का दौरा करेंगे। इसके बाद वे प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं।

सेना के मुख्यालय जाने के बाद सभी राजनयिक होटल लौट आए
गुरुवार को दौरे के पहले दिन ये राजनयिक सिर्फ श्रीनगर में आर्मी की 15वीं कोर के मुख्यालय में गए। यहां सेना के शीर्ष कमांडरों ने उन्हें नियंत्रण रेखा और कश्मीर के सुरक्षा हालात के बारे में बताया। इसके बाद वे होटल लौट आए और कश्मीर के नेताओं से मुलाकात की। मुलाकात करने वाले प्रमुख नेताओं में पीडीपी के पूर्व नेता अल्ताफ बुखारी शामिल थे। दो दिन पहले मंगलवार को ही बुखारी के नेतृत्व में कश्मीर के नेताओं का दल उपराज्यपाल जीसी मुर्मू से भी मिला था। नेताओं ने उपराज्यपाल को ज्ञापन देकर कश्मीर में राजनीतिक प्रक्रिया बहाल करने की मांग की थी।

बुखारी ने विदेशी राजनयिकों से मुलाकात के बाद कहा कि हमारे बीच बेबाकी और निष्पक्ष तरीके से बात हुई। हालांकि, राजनयिकों के दल से नेताओं की मुलाकात पर पीडीपी ने एक्शन लिया है। पार्टी ने कहा कि इन लोगों ने राज्य के हितों के खिलाफ जाकर काम किया। पीडीपी ने दिलावर मीर, रफी अहमद मीर, जफर इकबाल, कमर हुसैन, जावेद बेग, अब मजीब पाडरू, रजा मंजूर और रहीम राठेर को पार्टी से निष्कासित कर दिया।

वहीं, राज्य के पूर्व मंत्री गुलाम हसन मीर ने कहा कि घाटी में इन दिनों एक भी गोली नहीं चली है। किसी की हत्या नहीं हुई है। इसका श्रेय घाटी की जनता काे भी जाना चाहिए, क्योंकि उन्होंने हिंसा को बढ़ावा नहीं दिया। अब यह साबित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि अनुच्छेद 370 किस तरह घाटी की तरक्की की राह में खलल पैदा कर रहा था।

यह दौरा कराने के पीछे सरकार का मकसद
घाटी के विश्लेषकों का कहना है कि सरकार ने यह दौरा इसलिए कराया है ताकि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भारत को लेकर फैली निगेटिव पब्लिसिटी को खत्म किया जा सके और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कश्मीर को लेकर चल रहे प्रपोगैंडा का जवाब दिया जा सके।

यूरोपियन यूनियन का आरोप- यह दौरा गाइडेड टूर की तरह
सरकार ने यूरोपियन यूनियन के प्रतिनिधियों को भी न्योता दिया था, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। उनका कहना था कि वे गाइडेड टूर के पक्ष में नहीं हैं और बाद में वहां जाएंगे। ईयू के प्रतिनिधि अपनी मर्जी से चुने गए लोगों से मिलना चाहते थे। वे तीन पूर्व मुख्यमंत्रियोंफारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती से भी मुलाकात करना चाहते थे। ये सभी 5 अगस्त को राज्य का विशेष दर्जा खत्म होने के बाद से ही नजरबंद हैं।

सरकार का जवाब- आरोप बेबुनियाद
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को दिल्ली में इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि गाइडेड टूर कराने के आरोप बेबुनियाद हैं। हम विदेशी राजनयिकों का दौरा इसलिए करा रहे हैं ताकि वे हालात को सामान्य बनाने की कोशिशों काे देख सकें। ईयू के राजनयिकों के लिए ऐसा दौरा भविष्य में भी रखा जा सकता है। ईयू के राजनयिक एक समूह में कश्मीर का दौरा करना चाहते थे, जबकि सरकार हर राजनयिक को न्योता नहीं दे सकती।
पिछले साल अक्टूबर में यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल ने कश्मीर का दौरा किया था, उस दौरान दल को शिकारे पर घुमाया गया था। - फाइल
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अनुच्छेद 370 / कश्मीर के हालात जानने विदेशी राजनयिकों का दल पहुंचा, समूह से मिलने वाले 8 नेताओं को पीडीपी ने पार्टी से निकाला

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