उपलब्धि / भारत राष्ट्रीय मानक की बुलेटप्रूफ जैकेट निर्यात करने वाला चौथा देश बना, यूरोपीय देशों समेत 100 से ज्यादा खरीददार

बुलेटप्रूफ जैकेट (प्रतिकात्मक)

  • बीआईएस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का मानक तैयार किया, इसके अनुसार सैन्यबलों को जैकेटों की आपूर्ति हो रही है
  • यह जैकेट 360 डिग्री सुरक्षा, डायनैमिक वेट डिस्ट्रीब्यूशन जैसी विशेषता से लेस है

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 09:28 PM IST

नई दिल्ली. भारत ने 100 से ज्यादा देशों को राष्ट्रीय मानक की बुलेटप्रूफ जैकेट का निर्यात शुरू कर दिया है। भारत की मानक संस्था ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (बीआईएस) के मुताबिक, बुलेटप्रूफ जैकेट खरीददारों में कई यूरोपीय देश भी शामिल हैं। एक कार्यक्रम के दौरान बीआईएस के उपनिदेशक राजेश बजाज ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी के बाद भारत चौथा देश है, जो राष्ट्रीय मानकों पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की बुलेटप्रूफ जैकेट बनाता है। यह जैकेट 360 डिग्री सुरक्षा के लिए जानी जाती है। हमने सभी हितधारकों को साथ लेकर अंतराष्ट्रीय स्तर का मानक तैयार किया है।अब सैन्यबल भी इसी मानक के अनुरुप जैकेट प्राप्त कर रहे हैं।

बीआईएस के वैज्ञानिक जेके गुप्ता ने बताया कि मानकों के अभाव में भारत गुणवत्तापूर्ण जैकेटों को प्राप्त नहीं कर पा रहा था। सैन्यबलों द्वारा लंबे समय से इस उत्पाद के लिए गुणवत्तापूर्ण मानक तैयार करने की मांग की जा रही थी। 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीति आयोग के निर्देश के बाद बीआईएस ने बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए मानक तैयार किया था। मानक दिसंबर 2018 में प्रकाशित हुआ।अब सभी इसका पालन कर रहे हैं। मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत हमारे पास उत्पादन के लिए वैश्विक सुविधाएं और डिजाइनें हैं।

दो पीएसयू और तीन निजी उपक्रम कर रहे हैं उत्पादन
दो सावर्जनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) मेडानी और चेन्नई ऑर्डिनेंस फैक्ट्री औरपलवल स्थित एसएनपीपी, फरीदाबाद आधारित स्टारवायर औरकानपुर की एमकेयू नामक तीन निजी उपक्रमों में इन जैकेटों का उत्पादन किया जा रहा है। अभी तक 1.86 लाख जैकेटों की आपूर्ति सैन्य बलों को की जा चुकी है। अधिक आपूर्ति के लिए निविदा की प्रकिया जारी है।

विभिन्न आकार के जैकेटों के लिए तैयार किए जा रहे मानक
सैनिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न आकार के जैकेट बनाए जा सकें इसके लिए कड़े मानक तैयार किए जा रहे हैं। यह जैकेट ऐसे हैं जो 700 मीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार से आने वाली एके47 के स्टील कोर बुलेट को झेलने में सक्षम हैं। यह डायनैमिक वेट डिस्ट्रीब्यूशन जैसी विशेषता से युक्त है। सेल्फ लाइफ बढ़ाने के प्रोटोकॉल को भी मानक में शामिल किया गया है।

देश के सैन्यबलों को तीन लाख बुलेटप्रूफ जैकेटों की जरूरत
हाल ही में नीति आयोग के सदस्य और रक्षा शोध विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व प्रमुख वीके सारस्वत के अनुसार देश के सैन्यबलों को 3 लाख बुलेटप्रूफ जैकेटों की जरूरत है। इस जैकेट के लिए मानक नहीं होने के अभाव में अभी तक पैरामिलिट्री और मिलिट्री के लिए ऑर्डन उपभोक्ता के दिशा-निर्देशों के अनुसार दिए जाते थे।

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