पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

भारत-चीन सीमा विवाद पर सेना:15 घंटे चली बातचीत के बाद आर्मी ने कहा- पूर्वी लद्दाख से सेनाएं पीछे करने की प्रक्रिया पेचीदा, इस पर लगातार नजर रखने की जरूरत

नई दिल्ली23 दिन पहले
  • दोनों देश सेनाओं को पीछे हटाने के लिए लगातार डिप्लोमैटिक और मिलिट्री लेवल पर संपर्क में हैं
  • भारतीय सेना और चीनी सेना के कमांडरों के बीच 14 जुलाई को चुशुल में चौथे दौर की बैठक हुई
No ad for you

भारत-चीन सीमा विवाद पर चीन के अड़ियल रवैए की खबरों के बीच गुरुवार को भारतीय सेना ने आधिकारिक बयान जारी किया। सेना के अधिकारियों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि दोनों देश पूरी तरह से सेना हटाने के लिए पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि लद्दाख से सेनाओं को हटाने की प्रक्रिया बहुत पेचीदा है, इसलिए इस पर लगातार निगरानी रखने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मामले को डिप्लोमैटिक और मिलिट्री लेवल पर लगातार बैठकों के जरिए आगे ले जाया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार शाम इस मामले में कहा कि दोनों पक्ष बातचीत कर रहे हैं। दोनों पक्ष एलएसी से सैनिकों की तैनाती घटाने और पूरी तरह से डिसएंगेजमेंट पर सहमत हैं। 

सेना के अफसरों के मुताबिक, भारतीय सेना और पीएलए के कमांडरों के बीच 14 जुलाई को चुशुल में चौथे दौर की बैठक हुई। भारत-चीन के प्रतिनिधियों के बीच सेना को पूरी तरह पीछे हटाने को लेकर 5 जुलाई को बनी सहमित को अमल में लाया जा रहा है। वहीं, सीनियर कमांडरों ने पहले फेज में सेना को हटाने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं को पूरी तरह पीछे हटाने को लेकर चर्चा भी हुई।

भारत ने एलएसी पर अप्रैल-मई की स्थिति बहाल करने की मांग की थी
न्यूज एजेंसी ने बुधवार को सूत्रों के हवाले से दावा किया था कि चीन फिंगर एरिया से पूरी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं है। बाकी विवादित क्षेत्रों से पीछे हटने को तैयार है। वहीं, भारत ने एलएसी पर अप्रैल-मई की स्थिति बहाल करने की मांग की थी।

शुक्रवार को रक्षामंत्री और आर्मी चीफ लेह जाएंगे
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे शुक्रवार को लेह जाएंगे। वहां पर वे पूर्वी लद्दाख में सुरक्षा हालातों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान रक्षा मंत्री सेना के बड़े अफसरों के साथ हाई लेवल मीटिंग भी कर सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ सकते हैं...

1. फिंगर एरिया से पूरी तरह पीछे हटने को तैयार नहीं चीन, भारत ने एलएसी पर अप्रैल-मई की स्थिति बहाल करने की मांग की

No ad for you

देश की अन्य खबरें

Copyright © 2020-21 DB Corp ltd., All Rights Reserved