रिहाई / 12 साल बाद अपने देश लौटेगा यह भारतीय, बांग्लादेश की जेल में बंद था

सतीश चौधरी। -फाइल फोटो

  • मानसिक विक्षिप्त सतीश 2008 में पटना से लापता हुआ था, परिवार ने विदेश मंत्रालय से मददमांगी थी
  • 2012 में बांग्लादेश रेड क्रॉस सोसाइटी ने सतीश के लक्ष्मीपुर जिला जेल में बंद होने की सूचनादी थी

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 07:31 PM IST

नई दिल्ली.बांग्लादेश की जेल में 12 साल बिताने के बाद भारतीय नागरिक सतीश चौधरी गुरुवार को रिहा हो गए। अधिकारियों ने ढ़ाका स्थित भारतीय दूतावास को फोन करके सतीश की रिहाई की सूचना दी। न्यूज एजेंसी को अधिकारियों ने बताया किचौधरी कोबॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) द्वारा सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) को गेडे सीमा पर सौंपा जाएगा।

परिजनों के मुताबिक, सतीश मानसिक रूप से विक्षिप्त है।12 अप्रैल 2008 को वह पटना के गांधी मैदान से लापता हो गए थे। इसी साल मई में परिजनों ने गांधी मैदान पुलिस स्टेशन में सतीश के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। 2012 में बांग्लादेश रेड क्रॉस सोसाइटी ने भारत स्थित अपने सहयोगी संगठन को पत्र लिखकर इस बात की सूचना दी थी कि सतीश बांग्लादेश के लक्ष्मीपुरम जिला जेल में बंद है।

सतीश की रिहाई से उसके गांव में खुशी
सतीश की मां कला देवी ने न्यूज एजेंसी को बताया कि परिजनों ने सतीश को वापस भारत लाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से साल 2012 में जनता दरबार में मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय को मदद के लिएपत्र भीलिखा था।लेकिन सरकार की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। सतीश की रिहाई खबर सुनकर उसके गांव में सभी खुश हैं। उसके बेटे का कहना है कि बचपन में ही पिता का चेहरा देखा था, मुझे खुशी है कि वे अब हमारे साथ रहेंगे।

Share
Next Story

नशे का कारोबार / अमेरिका में बड़े ड्रग रैकेट का खुलासा; बॉलीवुड, दाऊद और भारतीय फार्मा कंपनी से जुड़े तार

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News