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कैंडिस थिल/ 11 की उम्र में घरों में काम किया, 39 साल में 12 तरह के काम सीख लिए, अब अमेजन में लर्निंग साइंस की डायरेक्टर हैं

Dainik Bhaskar | Jan 21, 2019, 10:20 AM IST

  • पिता ने अचानक नौकरी छोड़ी तो परिवार के हर सदस्य को काम करना पड़ा, यहीं से शुरू हुआ कैंडिस के सीखने का सफर
  • घर की सफाई, बेबी सीटिंग से लेकर लाइब्रेरियन और प्रोफेसर तक का काम किया

Dainik Bhaskar

Jan 21, 2019, 10:20 AM IST

न्यूयार्क. कहा जाता है कि सीखना एक कला है। लेकिन, अमेरिका की कैंडिस थिले को जिंदगी की चुनौतियों ने इतना सिखाया कि उन्होंने सीखने का विज्ञान जान लिया। आज की तारीख में कैंडिस दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी अमेजन में लर्निंग साइंस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर हैं। वे अमेजन के हर डिपार्टमेंट के लोगों को काम के नए तरीके सीखने का विज्ञान बताती हैं, ताकि कर्मचारी आगे बढ़ें और कंपनी को भी ऊंचा मुकाम दिलवाएं।

 

11 साल की उम्र में सीखने की शुरुआत हुई
कैंडिस के पिता इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे और लॉकहीड कंपनी में मिसाइल प्रोजेक्ट में काम करते थे। उन्होंने यह काम एक दिन अचानक यह सोच कर छोड़ दिया कि वे कोई ऐसी चीज बनाने में योगदान नहीं करेंगे जिसका इस्तेमाल युद्ध में हो। परिवार के पास आय का दूसरा जरिया नहीं था। हर सदस्य को काम शुरू करना पड़ा। कैंडिस के सीखने के सफर की शुरुआत 11 साल की उम्र में हुई। 

 

पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने घरों में काम करने और बेबी सीटिंग का काम शुरू किया। उन्होंने यह काम चार साल तक किया। कैंडिस को 15 साल की उम्र में दूसरी जॉब मिली। वे आर्ट एंड क्राफ्ट शॉप में काम करने लगीं। जल्दी ही वे क्राफ्ट के काम में इतनी माहिर हो गईं कि स्टोर ज्वाइन करने वाली नई लड़कियों को इसे सिखाने भी लगीं। उन्होंने इसका बिजनेस भी शुरू किया। इसके लिए कैंडिस को धागे की जरूरत पड़ती थी। उन्होंने धागा कातना भी सीख लिया। कैंडिस कहती हैं, ऐसा नहीं है कि वह काम मुझे पसंद था। मैंने उसे इसलिए सीखा क्योंकि वह काम अच्छे से करना चाहती थी। 

 

18 साल की उम्र में उन्होंने फिर काम बदला। इस बार वे लाइब्रेरियन बनीं। एक साल बाद वह सेक्स एजुकेटर के तौर पर काम करने लगीं। वे अपने से बड़ी उम्र के लोगों को सेक्स एजुुकेशन के बारे में बताती थीं। इस बीच उन्होंने यूसी बर्कले यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन पूरी की।

 

इसके बाद कैंडिस ने पीट्सबर्ग (पेंसलवेनिया) में बेकरी में काम किया। इसके बाद वह रेप क्राइसिस सेंटर पर रेप विक्टम की काउंसिलिंग करने लगीं। यहां उन्होंने अस्पताल कर्मचारियों के लिए एक ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किया। इसमें कर्मचारियों को यह सिखाया जाता था कि रेप विक्टिम से साक्ष्य सुरक्षित रूप से कैसे जुटाना चाहिए। उन्होंने चाइल्ड सेक्स एब्यूज रोकने के लिए भी मॉड्यूल तैयार किया।
 

जिस कंपनी में रिसेप्शनिस्ट रहीं, उसमें वाइस प्रेसिडेंट बनीं

24 साल की उम्र में कैंडिस ने एक मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट का काम पकड़ा। इसमें उन्होंने 18 साल बिताए और रिसेप्शनिस्ट से वाइस प्रेसिडेंट और मैनेजिंग पार्टनर के पद तक पहुंचीं। यहां उन्होंने सीखने के तरीकों पर पहला ई-लर्निंग कोर्स तैयार किया। यह कोर्स इस फलसफे पर आधारित था कि ह्यूमन लर्निंग को साइंस और टेक्नोलॉजी के जरिए रफ्तार दी जा सकती है।

 

इसके बाद उन्होंने वह कंपनी छोड़कर ओपन लर्निंग इनिशिएटिव (ओएलआई) की शुरुआत की। इसे शुरू करने में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। इससे उनकी पहले साल की कमाई पिछली जॉब से भी कम रह गई थी। 2013 में कैंडिस ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी ज्वाइन  की। यहां वे लर्निंग साइंस की असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं। बाद में उन्हें इस डिपार्टमेंट का डायरेक्टर भी बनाया गया।

 

2018 में अमेजन ने उनकी सेवा लेने के लिए लर्निंग साइंस डिपार्टमेंट की शुरुआत की और कैंडिस को इसका डायरेक्टर बनाया। कैंडिस ने अभी स्टैनफोर्ड से इस्तीफा नहीं दिया है। वे वहां से छुट्टी लेकर अमेजन के लिए काम कर रही हैं। अमेजन के लिए दुनियाभर में पांच लाख 66 हजार लोग काम करते हैं। 

 

कैंडिस के 2 सूत्र वाक्य

1. हर काम बड़ा होता है, बशर्ते आप अपने लिए पैमाना ऊंचा रखें।

2. सबसे बड़ी सीख यह होती है कि कोई नया काम कैसे सीखा जाए।

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