बयान / नोबेल विजेता अभिजीत पब्लिक सेक्टर बैंकों के निजीकरण के पक्षधर, हम इससे सहमत नहीं: जयराम रमेश

जयराम रमेश। -फाइल फोटो

  • नोबेल विजेता अभिजीत बनर्जी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी
  • मुलाकात के बाद उन्होंने कहा- बैंकिंग सेक्टर संकटमें है, हमें सावधान रहने की जरूरत
  • उन्होंने कहा- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना चाहिए

Dainik Bhaskar

Oct 23, 2019, 10:31 AM IST

नई दिल्ली.कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार को कहा कि वहनोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी के बैंकों को लेकर दिए गए विचार से असहमत हैं। बनर्जी ने कहा था कि सरकार को देश में बैंकिंग संकट से निपटने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण करना चाहिए। उन्होंने देश में बैंकिंग संकट को भयावह करार दिया था। साथ ही इस स्थिति से निपटने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकारी हिस्सेदारी को कम करने की बात कही थी।

अभिजीतने कहा था,‘‘सरकार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अपनी हिस्सेदारी को 50% से कम करनीचाहिए, ताकि बैंक केंद्रीय सतर्कता आयोग के दायरे से बाहर हो जाएं।’’ रमेश ने ट्वीट किया- मैंअभिजीत बनर्जी के बौद्धिक कौशल से बिल्कुल असहमत हूं।

एनपीए के चलते नेटवर्थ में कमी

बैंकिंग सिस्टम करीब पांच सालों के नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स(एनपीए) के चलते संकट में है। एनपीए के चलतेइस क्षेत्र में नेट वर्थ में कमी हुई है। कई घोटाले भी हुए हैं। हाल ही में पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी बैंक का घोटाला सामने आया है।

बैंकिंग सेक्टर की स्थिति खराब- बनर्जी

बनर्जी को पत्नी एस्तेयडुफ्लो के साथ अर्थशास्त्र का नोबेल मिला है। उन्होंने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसके बाद उन्होंने कहा था कि भारत में बैंकिंग सेक्टर संकट में है। हालात बेहद डरावने हैं। हमें सावधान रहने की जरूरत है।

Share
Next Story

इनकम टैक्स / दिल्ली में व्यापारिक समूह के दफ्तरों पर छापे, 1000 करोड़ की कर चोरी का खुलासा; हेलिकॉप्टर सौदे से जुड़े तार

Next

Dainik Bhaskar Brings you the latest Hindi News