कबूलनामा / पहले अशफाक ने कमलेश तिवारी को गोली मारी, जो फरीद को लगी; फिर दोनों ने गला रेत दिया

मंगलवार शाम गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पर शामलाजी के पास गुजरात एटीएस ने दोनों आरोपियों अशफाक और मोइनुद्दीन को गिरफ्तार किया। (बाएं से दाएं)

  • गुजरात पुलिस ने राजस्थान-गुजरात बॉर्डर से मुख्य आरोपी अशफाकुद्दीन जाकिर हुसैन शेख और मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान को गिरफ्तार किया
  • पुलिस ने बताया कि घर पर फोन करने की वजह से इनकी लोकेशन मिलने में आसानी हुई
  • 18 अक्टूबर को लखनऊ में हत्या के बाद से दोनों फरार थे, इस मामले में अब तक 8 लोग पकड़े गए

Dainik Bhaskar

Oct 23, 2019, 10:13 AM IST

अहमदाबाद. लखनऊ में हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के दोनों आरोपियों को मंगलवार शाम लगभग छह बजे गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया। अशफाकुद्दीन जाकिर हुसैन शेख और मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान गुजरात-राजस्थान बॉर्डर पर शामलाजी के पास से पकड़े गए। 18 अक्टूबर को लखनऊ में हत्या के बाद से दोनों फरार थे।


पूछताछ में आरोपियों से पता चला कि कमलेश पर गोली अशफाक ने चलाई थी, लेकिन वह गोली मोइनुद्दीन (फरीद) की अंगुली पर लग गई। तब दोनों ने कमलेश की गला रेत कर हत्या कर दी। गुजरात एटीएस के डीआईजी हिमांशु शुक्ला के अनुसार पैसे खत्म होने के बाद दोनों ने परिवार और सहयोगियों फोन कर पैसे का इंतजाम करने को कहा था। एटीएस इनके परिजनों और सहयोगियों की टेक्निकल और फिजिकल दोनों तरीके से निगरानी कर रही थी। इससे मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एटीएस के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में दोनों ने कबूला है कि तिवारी के भड़काऊ बयान का बदला लेने के लिए ही इन्होंने हत्या की है।


ठाकुरगंज के वकील से भी की थी सरेंडर की बात
सूत्रों की मानें तो आरोपी समर्पण करने की फिराक में थे। उन्होंने ठाकुरगंज में रहने वाले एक वकील से फोन पर संपर्क किया था। वकील ने पुलिस को बताते हुए वह नंबर दिया जिससे आरोपियों ने कॉल की थी। नंबर इनोवा ड्राइवर का था। इस इनोवा से ही आरोपी शाहजहांपुर आए थे। इससे पहले दोनों आरोपियों ने महिला वकील से संपर्क कियाथा।

साजिश रचने वालों की अदालत में पेशी
सूरत से कमलेश तिवारी की हत्या की साजिश रचने वाले मौलाना मोहसिन, राशिद पठान और फैजान से 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर पूछताछ हो रही है। लखनऊ में पुलिस ने तीनों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया। इसके बाद उन्हें गोपनीय स्थान पर ले जाया गया।

शरण देने वाले मौलाना को बरेली से पकड़ा
उत्तरप्रदेश एटीएस ने मंगलवार दिन में तिवारी हत्याकांड के सिलसिले में बरेली में मौलाना कैफी अली रिजवी को हिरासत में लिया। उन पर हत्यारों की मदद का आरोप है। आरोपी मौलाना से मिलने बरेली गए थे। शुक्रवार रात उनके घर पर रुके थे। हत्यारों की लोकेशन लखनऊ के शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद और फिर अंबाला में भी मिली। कुछ मदरसों पर भी छापेमारी की गई थी।इस मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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